वाशिंगटन | 7 मुस्लिम देशो के नागरिको को अमेरिका में एंट्री नही देने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले पर सिएटल अदालत ने रोक लगा दी थी. अदालत के फैसले को यूएस एडमिनिस्ट्रेशन ने फेडरल अदालत में चुनौती दी लेकिन वहां से भी ट्रम्प को निराशा ही हाथ लगी है. फेडरल कोर्ट ने सिएटल अदालत के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.

गुरुवार को हुई सुनवाई में फेडरल कोर्ट के यूएस एडमिनिस्ट्रेशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा की आपके पास क्या सबूत है की इन 7 मुस्लिम देशो से अमेरिका की सुरक्षा को खतरा है. तीन जजों की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा की हमारा मानना है की यूएस एडमिनिस्ट्रेशन यह साबित नही कर पाई की एंट्री पर रोक नही से देश का क्या बड़ा नुक्सान होगा?

कोर्ट ने यह भी कहा की हमें यूएस एडमिनिस्ट्रेशन की दलील में कोई दम नजर नही आया. अगर आप कहते है की इन 7 मुस्लिम देशो के नागरिको की एंट्री से देश की सुरक्षा को खतरा है तो आप यह साबित करे. लेकिन आप यह भी साबित नही कर पाए. तीन जजों की पीठ में दो जज डेमोक्रेट थे और एक रिपब्लिकन. तीनो जजों ने सर्वसम्मति से निचली कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से मना कर दिया.

अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रम्प ने कहा की हम अदालत में मिलेंगे, हमारे देश की सुरक्षा खतरे में है. इससे पहले ट्रम्प कह चुके है की उन्हें विदेशियों की अमेरिकी में एंट्री में बैन करने का अधिकार है. मालूम हो की ट्रम्प ने 7 मुस्लिम देश, ईराक, इरान, सीरिया, सूडान, यमन, सोमालिया और लीबिया के नागरिको पर अमेरिका में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया था. हालाँकि काफी देशो ने ट्रम्प के इस फैसले का काफी विरोध किया.


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