Friday, July 1, 2022

बहरीन की धरती से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का ट्रोलर्स को करारा जवाब

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2 दिन के दौरे पर बहरीन पहुंची भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का ट्रोलर्स वहाँ भी पीछा नहीं छोड़ रहे है। ऐसे में उन्होने बहरीन से ही ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया।

सुषमा स्वराज ने शनिवार को कहा कि जब मैं दुनिया के किसी भी स्थान पर प्रवासी भारतीयों से मुलाकात करती हूं, तो सबसे पहले मैं उसके पासपोर्ट को देखती हूं, चाहे वह किसी भी धर्म, किसी भी जाति या फिर भी किसी भी राज्य की क्यों न हो, यह मेरे लिए मायने नहीं रखता। यदि आपके पास आपका भारतीय पासपोर्ट है, तो यह दुनिया के किसी भी कोने में आपके लिए ढाल का काम करेगा।

बता दें कि  बहरीन की राजधानी मनामान में एयरपोर्ट पर सुषमा स्वराज के स्वागत में वहां के विदेश मंत्री शेख खालिद बिन अहमद बिन मोहम्मद बिन खलीफा स्वयं पहुंचे थे। इस दौरान शेख खालिद ने विदेश मंत्री को गले लगाकर अपने वतन में स्वागत किया।विदेश मंत्री ने आज बहरीन के शाह हमद बिन ईसा अल खलीफा और प्रधानमंत्री खलीफा बिन सलमान अल खलीफा से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक ट्वीट करके कहा, ‘‘दिन का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बहरीन के शाह हमद बिन ईसा अल खलीफा से मुलाकात की। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक अन्य मुलाकात में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बहरीन के क्राउन प्रिंस एचआरएच सलमान बिन हमद अल खलीफा से मनामा में गुदैबिया महल में मुलाकात की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चर्चा सभी क्षेत्रों में हमारी साझेदारी बढ़ाने पर केंद्रित रही, विशेष तौर पर व्यापार एवं निवेश, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा।’’ स्वराज ने यहां अपने कार्यक्रमों की शुरूआत आज विदेश मंत्री शेख खालिद से मुलाकात करके की जो कि भारत के घनिष्ठ मित्र हैं। दोनों नेताओं ने दूसरे भारत-बहरीन हाई ज्वाइंट कमीशन (एचजेसी) बैठक की सह-अध्यक्षता की। हाई ज्वाइंट कमीशन (एचजेसी) की पहली बैठक नयी दिल्ली में फरवरी 2015 में हुई थी।

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