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यूरोपीय संघ ने म्यांमार सेना पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मेजर जनरल मोआंग मोआंग सोए सहित 7 अन्य सहयोगी सैन्य अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये सभी रोहिंग्याओं मुस्लिमों पर हुए अत्याचार मे शामिल है।

यूरोपी संघ ने एक बयान जारी करके कहा है कि म्यांमार के जिस जनरल और जिन सैन्य अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया गया है वे सभी रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार और उनपर हो रहे अत्याचारों में शामिल पाए गए हैं।

यूरोपी संघ ने कहा है कि रख़ाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के हुए जनसंहार में जनरल सोए और उनके अधीनस्थ सैन्य अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही है।  मेजर जनरल मोआंग-मोआंग सोए सहित म्यांमार के उन सभी सैन्य अधिकारियों ने मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन किया है।

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यूरोपीय संघ ने इन सभी की विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लगाते हुए इनकी बैंक संपत्तियों को ज़ब्त करने का भी एलान किया है। साथ ही यूरोपीय संघ ने म्यांमार सेना के साथ सभी प्रकार के सैन्य सहयोग को समाप्त किए जाने की भी घोषणा की है।

बता दें कि म्यांमार सेना ने रोहिंग्याओं मुस्लिमों के खिलाफ अगस्त 2017 में  बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया था। जिसके बाद अपनी जान बचाने के लिए लाखों की संख्या में पीड़ित रोहिंग्या मुसलमान को अपना देश छोड़कर पड़ोसी देशों विशेषकर बांग्लादेश में शरण लेने पर मजबूर होना पड़ा था