न्यूजीलैंड मस्जिद हमले को एर्दोगान ने करारा दिया इस्लाम के साथ दुश्मनी

6:44 pm Published by:-Hindi News

न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर की दो मस्जिद में हुए आतंकी हमले में अब तक कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 48 से ज्यादा लोग जख्मी बताए जा रहे हैं. न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा एर्डर्न ने कहा, ‘यह सुनियोजित आतंकी हमला था’. हमलावर दक्षिणपंथी आस्ट्रेलियाई नागरिक था.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावर ने फेसबुक पर लाइवस्ट्रीमिंग शुरू की थी. वीडियो की शुरुआत में ब्रेंटन ‘चलो पार्टी शुरू करते हैं’ कहता सुनाई दे रहा है. टैरंट ने गुरुवार रात को ही फेसबुक पर पोस्ट पर शेयर करते हुए लिखा था कि वह ‘आक्रमणकारियों’ पर हमला करेगा और उसे फेसबुक पर लाइव दिखाएगा.

इस घटना की लाइवस्ट्रिमिंग हमलावर ने उस वक्त शुरू किया, जब वो अल नूर मस्जिद में के बाहर गाड़ी पार्क कर रहा था. 17 मिनट के इस वीडियो में देखा गया कि ढेर सारे हथियार और विस्फोटक लेकर वो गाड़ी में आगे की सीट पर बैठा था. उसके पास पेट्रोल के कंटेनर भी थे. गाड़ी से उतरते ही उसने सबसे पहले मस्जिद की गेट पर फायरिंग की. इसके बाद तो वो ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगा.

ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ के मुताबिक हमलावर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैन है. वह ट्रंप को गोरों की नई पहचान और साझा उद्देश्य के लिए प्रतीक भी मानता है. इस हमले को लेकर दुनिया भर के नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने इस हमले को इस्लाम के प्रति बढ़ती दुश्मनी करार दिया। उन्होने कहा, यह इस्लाम के प्रति बढ़ती शत्रुता को दर्शाता है । जिसे दुनिया द्वारा “मूर्खतापूर्ण” के तौर पर देखा जाता है। वहीं राष्ट्रपति के प्रवक्ता इब्राहिम कलिन ने ट्विटर पर लिखा, “इस हमले से इस्लाम और मुसलमानों  तक दुश्मनी करने वाले के पहुंचने की बात जाहिर होती है।”

उन्होने कहा, “हमने इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ कई बार इस्लामोफोबिक प्रवचन को एक विकृत और जानलेवा विचारधारा में बदल दिया है। दुनिया को इस तरह के प्रवचन के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और इस्लामोफोबिक फासीवादी आतंकवाद को रोकना चाहिए।

वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने 2001 के 11 सितंबर के हमलों के बाद बढ़ते इस्लामोफोबिया को न्यूजीलैंड के इस हमले का दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, “क्राइस्टचर्च, मस्जिदों पर आतंकवादी हमले की घोर निंदा और कड़ा विरोध। इस बात की पुष्टि करता है कि हमने हमेशा क्या बनाए रखा। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है। पीड़ितों और उनके परिवारों को प्रार्थनाएं।

उन्होने लिखा, “मैं वर्तमान इस्लामोफोबिया पोस्ट इन बढ़ते हुए आतंकी हमलों को जिम्मेदार ठहराता हूं जहां इस्लाम और 1.3 बीएन मुसलमानों को सामूहिक रूप से एक मुस्लिम द्वारा आतंक के किसी भी कार्य के लिए दोषी ठहराया गया है। यह जानबूझकर वैध मुस्लिम राजनीतिक संघर्षों को प्रदर्शित करने के लिए किया गया है, ”

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