सीरिया में अमेरिकी की और से आतंकियों को हथियार दिए जाने से नाराज तुर्की राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के समक्ष कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे रोके जाने की मांग की है.

एर्दोगान ने डोनल्ड ट्रम्प के साथ टेलीफ़ोनी वार्ता में कहा कि उन्हें क्षेत्र में आतंकी गुटों के समर्थन और उन्हें हथियार देना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीरिया के अफ़रीन क्षेत्र में तुर्की की सैन्य कार्यवाही का उद्देश्य, अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित बनाना और इस क्षेत्र से आतंकी गुटों का सफ़ाया करना है.

उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों और अपनी प्रतिरक्षा के अधिकार के अंतर्गत हो रही है और संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणापत्र के अनुच्छेद 51 में इसका अधिकार दिया गया है.

ध्यान रहे तुर्की ने सीरिया में  पीकेडी/वाईपीजी के खिलाफ ऑपरेशन ऑलिव ब्रान्च शुरू किया हुआ है. जिसे तुर्की  आतंकवादी संगठन मनाता है. कई बार तुर्की इन संगठनो को हथियार देने पर अमेरिका की आलोचना कर चूका है. एर्दोगान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर इस सबंध में तुर्की को धोखा देने का आरोप भी लगा चुके है.

उन्होंने कहा, “हमने राष्ट्रपति ओबामा के शासन के दौरान ‘ओलिव ग्रोव’ आंदोलन शुरू किया. हमारा उद्देश्य मैनबिज क्षेत्र को साफ करना था हालांकि, ओबामा प्रशासन इस पर कुछ नहीं बोला. हमने जो किया सब कुछ हम पर निर्भर था, लेकिन यू.एस. ने कुछ नहीं किया. उन्होंने वादा किया था कि वे मैनबिज में आतंकवादियों को फरात नदी के पूर्व में ले आएंगे.”

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?