तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने किर्गिस्तान को तख़्तापलट को लेकर आगाह किया है। उन्होने कहा कि फतेउल्ला गुलेन के समर्थक किर्गिस्तान के तंत्र में घुस चुके है। अगर इन लोगों को नहीं निकाला गया तो उसकी स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।

किर्गिस्तान की यात्रा पर आए एर्दोगन ने अपने किर्गिस समकक्ष सूरनबाई जीनबेको से शनिवार को गुलेन के नेटवर्क को  जड़ से उखाड़ने की मांग की। एर्दोगन ने कहा कि गुलेन के समर्थक सेना, पुलिस और अन्य सरकारी तंत्र में शामिल हो गए हैं और उन्होंने तख्तापलट की कोशिश की।

एर्दोगन ने 2016 में  तुर्की में हुए नाकाम तख्तापलट की कोशिश का हवाला देते हुए कहा, ‘हम नहीं चाहेंगे कि किर्गिस्तान की भी उन्हीं समस्याओं से गुजरना पड़े।’ बता दें कि इस दौरान क़रीब 250 लोग मारे गए और 1440 लोग घायल हुए थे।

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source: haaretz

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तुर्की सरकार ने नाकाम तख्तापलट के बाद लगभग डेढ़ लाख लोगों को बर्ख़ास्त किया था और कहा था कि वो तख़्तापलट का समर्थन करने वालों को दंडित कर रही है। हालांकि अमरीका में रहने वाले गुलेन ने तख़्तापलट में किसी भी भूमिका से इनकार किया हुआ है।

उल्लेखनीय है कि 25 जून को ही रेसेप तईप एर्दोगन ने पूर्ण बहुमत से जीत हासिल कर तुर्की के राष्ट्रपति बने हैं। एर्दोगन को 97.7 फीसदी मतगणना में पूर्ण बहुमत मिला। एर्दोगन को कुल 52.54 फीसदी वोट मिले जबकि उनकी विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) के उम्मीदवार मुहर्रम इंसे को 30.68 फीसदी वोट मिले।

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