तुर्की के राष्ट्रपति  रजब तैय्यब  एर्दोगान ने अमेरिका और इज़राइल पर ईरान और पाकिस्तान के मामलों और अन्य मुस्लिम देशों के मामलों में दखल देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने प्राकृतिक संसाधनों को प्राप्त करने की इच्छा से प्रेरित हैं.

राष्ट्रपति एर्दोगान ने शुक्रवार को इस्तांबुल में संवाददाताओं से कहा, “हम यह स्वीकार नहीं कर सकते हैं कि कुछ देशों – सबसे महत्वपूर्ण अमेरिका, इजरायल – ईरान और पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे है.” उन्होंने कहा,  अमेरिका और इजरायल के हस्तक्षेप मुख्यतः “इन सभी देशों में अपने स्वयं के संसाधनों में भरपूर भूमिगत धन बनाने की इच्छा से प्रेरित है.

तुर्की राष्ट्रपति ने कहा, दोनों देशों, साथ ही अन्य पश्चिमी राज्यों, मुख्य रूप से मुस्लिम राष्ट्रों को लक्षित करते हैं. उन्होंने लोगों को एक दूसरे के विरुद्ध खड़ा कर दिया. ऐसे दखल के विनाशकारी परिणाम सीरिया, इराक, फिलिस्तीन, मिस्र और अन्य देशों में देखे जा सकते हैं.

उन्होंने लीबिया, ट्यूनीशिया, सूडान और चाड का उदाहरन देते हुए कहा, जिन मुस्लिम देशों में उनकी संपत्ति है, उनके पास है ऐसे देशों में अशांति फैल जाती है. उन्होंने कहा पूरी मानवता को यह जानना चाहिए और इस दृष्टिकोण को बदलना चाहिए.”

ईरान में प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा, देश में विरोध प्रदर्शन वहां के ईंधन को प्राप्त करने के लिए अमेरिका, इजरायल और सऊदी अरब की तरफ से कराए जा रहे है.  ध्यान रहे मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले हफ्ते उग्र रूप में क्रूर और भ्रष्ट ईरानी शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के लिए ट्वीट किया था. इसी के साथ अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 1 अरब डॉलर से अधिक की सैन्य सहायता पर रोक लगा दी है.

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