राष्ट्रपति रसेप तय्यिप एर्दोगान ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गौटरस से म्यांमार की सरकार पर दबाव डालने के लिए आग्रह किया. याद रहे राखीय राज्य में हुई हिंसा में कथित रूप से हजारों रोहिंग्या मुसलमानों को विस्थापित किया गया है या मार दिया गया है.

तुर्की राष्ट्रपति के सूत्रों का कहना है कि एर्दोगान ने म्यांमार में मानवीय स्थिति पर गौटरर्स के साथ फोन पर बातचीत की. एर्दोगान ने संकट को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा तत्काल हस्तक्षेप पर जोर दिया.

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तुर्की नेता ने यह भी कहा कि म्यांमार सुरक्षा बलों द्वारा निर्वासित रोहिंग्या मुसलमानों पर हमला “अस्वीकार्य” है. एर्दोगान ने कहा कि तुर्की मानवतावादी सहायता प्रदान कर रहा  और इस क्षेत्र में आगे सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा कि तुर्की भी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त, इस्लामी सहयोग संगठन और यू.एस., मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और बांग्लादेश जैसे संबंधित देशों जैसे संगठनों के संपर्क में है.

गौटरर्स ने इस मुद्दे पर अपनी संवेदनशीलता के लिए एर्दोगान को धन्यवाद किया और म्यांमार में मानवतावादी संकट को खत्म करने के लिए स्थापित चल रहे काम और संपर्कों के बारे में जानकारी दी.

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