Wednesday, October 20, 2021

 

 

 

तुर्की ‘हर तरह से’ अजरबेजान के साथ, अर्मेनिया की वापसी पर होगा अब युद्ध विराम: एर्दोगन

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तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने गुरुवार को कहा कि अगर आर्मेनिया इस क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखना चाहते हैं, तो उसे नागोर्नो-कराबाख से हटना चाहिए। उन्होने ये भी कहा कि तुर्की का अर्मेनिया के साथ संघर्ष में अजरबैजान का हर तरह से समर्थन जारी रहेगा।

एर्दोगन ने अपने भाषण के दौरान कहा, “तुर्की के रूप में, हम अपने अज़रबैजानी भाइयों का हर तरह से और पूरे दिल से समर्थन करना जारी रखेंगे।” एर्दोगन ने कहा कि स्थायी शांति केवल क्षेत्र में ही प्राप्त हो सकती है “यदि अर्मेनिया कब्जे वाले अज़रबैजान क्षेत्रों से वापसी कर लेता है।”

एर्दोगन ने कहा, “तुर्की को बदनाम करने का प्रयास […] भी अर्मेनियाई प्रशासन को बचाने में सक्षम नहीं होगा।”  उन्होंने ऊपरी करबख के कब्जे में “दुष्ट राज्य” आर्मेनिया का समर्थन करने वाले देशों को चेतावनी दी।” बता दें कि दो सीरियाई विद्रोही सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया है कि तुर्की अजरबैजान को समर्थन देने के लिए सीरियाई विद्रोही लड़ाकों को भेज रहा है। तुर्की और अजरबैजान ने इससे इनकार किया है।

इसी बीच फ्रांस, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका ने गुरुवार को अजरबैजान-करबानख के आस-पास अजरबैजान और जातीय अर्मेनियाई सेना के बीच तत्काल युद्ध विराम का आह्वान किया और प्रतिद्वंद्वी पक्षों से बिना देरी के वार्ता शुरू करने का आग्रह किया।

फ्रांसीसी, रूस और अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ओएससी मिन्स्क समूह के सह-अध्यक्ष के रूप में एक संयुक्त बयान में कहा, हम संबंधित सैन्य बलों के बीच शत्रुता के तत्काल समाप्ति के लिए कहते हैं। हम आर्मेनिया और अजरबैजान के नेताओं से भी आह्वान करते हैं कि ओएससी मिन्स्क ग्रुप को-चेयर के तत्वावधान में, अच्छी आस्था में और बिना पूर्व शर्त के फिर से शुरू करने के लिए देरी के बिना प्रतिबद्ध करें।

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