नार्वे में नैटो के सैन्य अभियान में आधुनिक तुर्की के संस्थापक मुस्तफा कमाल अता तुर्क और राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान के अपमान को लेकर दुनिया भर में हंगामा बरपा है.

दरअसल, ये सैन्य अभियान राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान और अतातुर्क के नाम से प्रसिद्ध मुस्तफ़ा कमाल पाशा की तस्वीरों को निशाना बना कर किया गया. इन तस्वीरों में दोनों को नैटो के दुश्मन की तरह प्रस्तुत कर मुकाबले पर जोर दिया गया.

हालांकि इस मामले में नाटो प्रमुख जेन्स स्टोलटेनबर्ग सहित नार्वे के रक्षा मंत्री फेंक बक्के जेन्सेन ने भी तुर्की से माफी मांगी है. लेकिन राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने इस माफ़ी को खारिज कर दिया.

उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार एक तकनीशियन और एक अधिकारी को निकाल दिया गया, नाटो के महासचिव ने यह कहा कि जिम्मेदार व्यक्ति नाटो के कर्मचारी नहीं थे.

एर्दोगान ने नाटो प्रमुख को संबोधित करते हुए कहा कि “आपने कल नाटो ड्रिल पर अपमानजनक व्यवहार देखा है. वहां कुछ गलतियां की गई, जिससे बेवकूफी नहीं कहा जा सकता. ये केवल मुर्ख लोगों के द्वारा ही की जा सकती है.

उन्होंने नाटो प्रमुख की माफ़ी को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला साधारण नहीं है. जिससे माफी के साथ टाला जा सकता है.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?