इराक से अलग होकर स्वतंत्र देश बनाने को लेकर हाल ही में हुए जनमत संग्रह के बाद कुर्दिस्तान को लेकर मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ता ही जा रहा है.

तुर्की राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने अपने देश की सेना को कुर्दिस्तान में किसी भी समय कार्रवाई के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है. ध्यान रहे जनमत संग्रह को खारिज कर एर्दोगान पहले ही कह चुके है कि कुर्दिस्तान प्रमुख मसूद बारेज़ानी ने जनमत संग्रह करवाकर एक बहुत बड़ी ग़लती की है.

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उन्होंने कहा कि बारेज़ानी को इस जनमत संग्रह की कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने बारेज़ानी को आगाह करते हुए कहा कि इस जनमत संग्रह के बहुत बुरे परिणाम सामने आएंगे. अर्दोग़ान इस पुरे अलगाव को लिए इजरायल को जिम्मेदार बता चुके है.

एर्दोगान ने जनमतसंग्रह पर दुख व्यक्त करते हुए कहा था कि इराकी कुर्द ने इजरायल के झंडे के साथ हाल ही में स्वतंत्रता जनमत संग्रह की ख़ुशी बयान की है. उन्होंने कहा कि इस बात से साफ़ पता चलता है कि यह प्रशासन (उत्तरी इराक में) मोसाद के साथ है. जिसका एक लम्बा इतिहास है.

इसी के साथ उन्होंने धमकी दी थी कि अगर अंकारा ने कुर्दिस्तान के लिए खाद्य पदार्थ और तेल ले जाने वाले ट्रकों को रोक दिया, तो कुर्दों को खाना तक नहीं मिलेगा और वे भूखे मर जायेंगे.

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