एर्दोगान को मिली कामयाबी, इस्तांबुल में फिर से होंगे चुनाव

8:15 pm Published by:-Hindi News

इस्तांबुल : तुर्की के चुनाव निकाय ने इस्तांबुल में स्थानीय चुनावों को फिर से कराने का आदेश दिया है। इस फैसले को तुर्की राष्ट्रपति राजब तैयब एर्दोगान की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।

बता दें कि राष्ट्रपति रिसेप तैयप एर्दोगान  की Justice and Development Party (AKP) ने चुनाव के बाद यह आरोप लगाया था कि इस्तांबुल में चुनाव प्रक्रिया में धांधली की गई है और अनियमित्ता के बल पर जीता गया है। लिहाजा वहां पर फिर से मतदान कराया जाए। इस्तांबुल  तुर्की का सबसे बड़ा और आर्थिक शहर है। यहां पर विपक्षी दल रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) के एक्रम इमामोग्लू ने भारी मतों से इस्तांबुल के मेयर का पद जीता था। जिसको लेकर AKP ने आपत्ति दर्ज कराई थी और फिर से चुनाव कराने की मांग की थी।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि बीते 31 मार्च को हुए मतदान को रद्द किया जाता है क्योंकि ऐसी परिस्थितियां जो मतदान के परिणाम और ईमानदारी को प्रभावित करती हैं। हाई इलेक्शन बोर्ड ने कहा कि कुछ बैलेट बॉक्स समितियों का गठन अवैध रूप से जिला चुनाव बोर्ड के सदस्यों द्वारा किया गया था जो कि अब आपराधिक शिकायतों का सामना करेंगे।

हालांकि सीएचपी के डेप्युटी चेयर ऑनुर्सल अडिगुजेल ने कहा कि फिर से चुनाव कराने का फैसला दर्शाता है कि एके पार्टी के खिलाफ जीतना गैरकानूनी है।  उन्होंने ट्वीट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से तानाशाही है। यह सिस्टम जो लोगों की इच्छा के खिलाफ काम करता है और कानून की अवहेलना करती है, वह न तो लोकतांत्रिक है, न ही वैध है।

बीबीसी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित एक भाषण में, इमामोग्लू ने फिर से चुनाव कराने का आदेश देने के लिए चुनाव बोर्ड की निंदा करते हुए कहा कि वे सत्तारूढ़ पार्टी के प्रभाव में हैं। चुनाव बोर्ड में एकेपी के एक प्रतिनिधि रेसेप ओजेल ने कहा कि दोबारा चुनाव इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि कुछ चुनाव अधिकारी सिविल सर्वेंट नहीं थे और कुछ परिणाम पत्रों पर हस्ताक्षर नहीं किए गए थे।

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