सात समुद्रों पर इंसाफ के साथ ‘अर्तुरुल गाजी’ का शासन हमारे लिए गर्व की बात: एर्दोगान

ओटोमन साम्राज्य की स्थापना करने वाले उस्मान के पिता ‘अर्तुरुल गाजी’ की 739 वीं जयंती पर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोआन ने शुक्रवार को एक संदेश जारी कर कहा कि तीन महाद्वीपों और सात समुद्रों पर न्याय के साथ उनका शासन करना हमारे लिए गर्व की बात है।

एर्दोगन ने कहा, “यह हमारे लिए एक गर्व की बात है कि एक ऐसी सभ्यता है जिसने तीन महाद्वीपों और सात समुद्रों पर न्याय के साथ शासन किया है। हम भी अनतोलिया को एक मातृभूमि के रूप में संरक्षित करने के अपने लक्ष्य की रक्षा करना जारी रखेंगे और शांति से इस देश को आगे बढ़ाएंगे।

तुर्की राष्ट्रपति ने कहा, उस्मान गाज़ी ने भी अपने पिता, अर्तुरुल गाजी के नक्शेकदम पर चलते हुए समानता, न्याय और सहिष्णुता के आधार पर एक आदेश की स्थापना की। उन्होने कहा, और ओटोमन साम्राज्य के अन्य सुल्तानों ने भी जहाँ पैर रखा। इस आदेश का ही पालन किया।”

बता दें कि 1299 में ओटोमन साम्राज्य की स्थापना की गई थी।  सेल्जक प्रधान ने अर्तुरुल को उपहार स्वरूप एक छोटा-सा प्रदेश दिया था। अर्तुरुल के पुत्र उस्मान ने अपने पिता की मृत्यु के पश्चात प्रधान का पद हासिल किया। उसने 1299 में अपने आपको स्वतंत्र घोषित कर दिया। यहीं से उस्मानी साम्राज्य की स्थापना हुई।

पन्द्रहवीं और सोलवी शताब्दी में उस्मानी साम्राज्य का विस्तार हुआ। उस दौरान कई प्रतिबद्ध और प्रभावी सुल्तानों के शासन में साम्राज्य खूब फला फूला। यूरोप और एशिया के बीच के व्यापारिक मार्गों पर भौगोलिक दृष्टि से नियंत्रण के कारण उसका आर्थिक विकास भी काफी हुआ।

प्रथम विश्वयुद्ध में 1919 में पराजित होने पर इसका विभाजन करके इस पर अधिकार कर लिया गया। स्वतंत्रता के लिये संघर्ष के बाद 29 अक्तुबर सन् 1923 में तुर्की गणराज्य की स्थापना पर इसे समाप्त माना जाता है।

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