अमेरिका ने भारत को करारा झटका दिया है. ईरान से तेल आयात करने पर अब भारत को अमेरिकी प्रतिबंध झेलना पड़ेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से कच्चे तेल के आयात पर आगे किसी देश को कोई छूट नहीं देने का फैसला किया है. भारत सरकार अमेरिका के इस फैसले से होने वाले नुकसान के बारे में अध्ययन कर रही है.

बता दें कि वर्तमान में ईरान से सबसे ज्यादा तेल का आयात चीन और भारत करता है. अब अगर भारत 2 मई के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के खिलाफ ईरान से तेल का आयात जारी रखता है, तो अमेरिका के साथ इनके द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव आ सकता है. व्यापार जैसे अन्य मुद्दों पर भी इसका असर देखा जा सकता है.

इसी बीच अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का सहयोगी देश सऊदी अरब तेल आपूर्ति में किसी भी कमी को पूरा करने में मदद करेगा. उन्होंने ईरान से तेल निर्यात पर पाबंदी कड़ी करने के बाद यह बात कही.

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ट्रंप ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘ईरान पर अब हमारी पूर्ण पाबंदी के बाद सऊदी अरब और ओपेक (तेल निर्यातक देशों के संगटन) के अन्य देश तेल आपूर्ति में किसी भी कमी की भरपाई करेंगे.”

इससे पहले, व्हाइट हाउस ने ईरान पर कच्चे तेल के निर्यात को लेकर पाबंदी को और कड़ा करने की घोषणा की. तेल क्षेत्र ईरान की अर्थव्यवस्था के लिये काफी महत्वपूर्ण है. व्हाइट हाउस ने कहा कि उसका इरादा ईरान के तेल निर्यात को शून्य स्तर पर लाना है.

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