क़तर और अरब देशों का तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. सऊदी अरब सहित उसके सहयोगी देशों की और से प्रतिबंध और कड़े करने का फैसला लिया गया. इसके साथ ही अरब देशों ने क़तर को सशर्त बातचीत का न्योता दिया जिसे कतर ने एक ठुकरा दिया है.

क़तर के विदेशमंत्री ने उनके देश पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, बहरैन और मिस्र की ओर से दिये गए सशर्त प्रस्ताव को रद्द करते हुए कहा है कि इन देशों की मांगें, अन्तर्राष्ट्रीय नियमों के विरुद्ध हैं.

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मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी ने सोमवार को कहा कि क़तर पर लगाया गया प्रतिबंध, अन्तर्राष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है किंतु प्रतिबंध लगाने वाले देश इस वास्तविकता को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. क़तर के विदेशमंत्री का कहना था कि इससे यह बात समझ में आती है कि यह देश, एक तार्किक बात को समझना नहीं चाहते.

इसी के साथ क़तरी विदेशमंत्री ने कहा कि यह बात बहुत खेद के साथ कहनी पड़ रही है कि सऊदी अरब, हज का राजनीतिकरण कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह देश, हज को राजनैतिक स्वार्थों के आधार पर प्रयोग कर रहा है.