Sunday, August 1, 2021

 

 

 

ईरान-भारत गैस अनुबंध पर 2017 के अंत तक के लिए हस्ताक्षर हुए स्थागित

- Advertisement -
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ईरान के साथ फ़र्जाद गैस के क्षेत्र में कोई भी निश्चित अनुबंध 2017 की तीसरी तिमाही से पहले संभव नहीं है।
- Advertisement -

साप्ताहिक पत्रिका miningweekly ने भारतीय सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट मे कहा है कि देश की ओ एन जी सी कंपनी के बावजूद अपतटीय फ़र्जाद गैस को ईरान की राष्ट्रीय तेल कंपनी के अधिकारीयो ने 3 बिलियन डॉलर की फारस की खाड़ी में विकास योजना प्रदान की है और दोनों देशों के अधिकारियों के बीच वार्ता के कई दौर आयोजित किए गए है और 2017 की तीसरी तिमाही से पहले किसी भी निश्चित समझौते की कोई संभावना नहीं है।

ओ एन जी सी कंपनी अंतरराष्ट्रीय और राज्य के स्वामित्व तेल और गैस की खोज करने वाली सरकारी भारतीय कंपनी है जिसने फारस की खाड़ी में फ़र्जाद गैस बी के विकास और उसे भारत भेजने के लिए 10 बिलियन डॉलर का एक व्यापक प्रस्ताव ईरान को दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles