यंगून: म्यांमार के तख्तापलट का विरोध कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों ने बुधवार को आंसू गैस के गोले छोड़े और गोलियां दागीं। जिसमे कम से कम 13 लोगों की मौत हो गयी।

एक 23 वर्षीय प्रदर्शनकारी ने रॉयटर से कहा, “मैंने लगातार फायरिंग सुनी। मैं जमीन पर लेट गया, उन्होंने बहुत गोलीबारी की और मैंने दो लोगों को मौके पर मारते देखा।”

सैगिंग क्षेत्र में बचाव कार्यकर्ता मायो मिन तुन ने एएफपी समाचार एजेंसी को बताया, “मेरी टीम ने शवों को संभाला और परिवारों से संपर्क किया।”

सागिंग में हुई मौतों की पुष्टि अन्य मध्यस्थों द्वारा की गई। हालांकि यह पुष्टि नहीं की गई थी कि सुरक्षा बलों ने लाइव राउंड या रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया था या नहीं।

एक अलग विरोध प्रदर्शन के दौरान मंडालय शहर में लगभग दो घंटे की ड्राइव दूर, एक डॉक्टर ने पुष्टि की कि दो लोगों को सुरक्षा बलों ने गोली मार दी है।

उन्होंने एएफपी को बताया, “मायो निंग लिन को सीने में गोली मार दी गई थी, मा कय सिन को सिर में गोली लगी थी।”

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने कहा कि ऐसी आशंका है कि रविवार को कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई।हिंसा बढ़ने के बाद, म्यांमार के राजनीतिक संकट का हल निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी बढ़ा दिए गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद शुक्रवार को म्यांमार के हालात को लेकर बैठक कर सकती है। परिषद के राजनयिकों ने बताया कि इस बैठक के लिए ब्रिटेन ने अनुरोध किया था।

दस राष्ट्रों के क्षेत्रीय समूह दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन(आसियान) के विदेश मंत्रियों की मंगलवार को टेलिकॉन्फ्रेंस बैठक हुई जिसमें सहायक कदमों पर आम सहमति बनाने का प्रयास किया गया।