लन्दन | मीडिया किसी भी देश के एक स्तम्भ के रूप में देखी जाती है. लोग मानते है की देश और दुनिया में घटित घटनाओ का सटीक विश्लेषण अख़बार और न्यूज़ चैनल के जरिये ही मिल सकता है. पूरी दुनिया में मीडिया को तटस्थ और गंभीर माना गया है. लेकिन पूरी दुनिया के अन्दर जैसे जैसे मीडिया का निजीकरण हुआ है वैसे वैसे मीडिया की विश्ववसनीयता पर भी सवाल उठने शुरू हो गए है.

ब्रिटेन के मशहूर अख़बार डेली मेल की एक खबर ने मीडिया की गंभीरता और विश्ववसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किये है. जब पूरी दुनिया ब्रिटेन के यूरोपियन संघ से बाहर निकलने की चर्चा कर रहा है तब डेली मेल प्रधानमंत्री के पैरो पर चर्चा कर रहा है. दरअसल मंगलवार को डेली मेल के फ्रंट पेज पर एक खबर छपी. इसमें ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा में और स्कॉटलैंड की स्कॉटिश नैशनल पार्टी की नेता निकोला स्टर्जन की एक तस्वीर छापी गयी.

इस तस्वीर में दोनों नेताओं के पैरो पर फोकस करते हुए शीर्षक दिया गया ‘ब्रेग्जिट की परवाह छोड़ो, यह सोचो कि लेग्जिट कौन जीतता है’. यही नही पूरी खबर में दोनों नेताओ के पहनावे से लेकर उनके बारे में कई आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया. एडिटर लिखता है की बॉक्सी नेवी ब्लेज़र, घुटनों तक टिकी स्कर्ट, शाइनी न्यूड टाइट्स और पॉइंटी शू- दुनिया भर में एक खास उम्र में करियर को गंभीरता से लेने वाली महिलाओं द्वारा अपनाया जाने वाला पहनावा.

दरअसल ब्रेग्जिट के मुद्दे पर बात करने के लिए दोनों नेताओं ने एक दुसरे से मुलाकात की. इस दौरान दोनो नेताओ के बीच काफी मतभेद भी दिखाई दिए. कई बार स्वतंत्रत जनमत संग्रह करने की बात भी कही गयी. ऐसे में अख़बार ब्रेग्जिट जैसे गंभीर मुद्दे को छोड़कर दोनों नेताओं के पैरो की तुलना करने लगा. इस खबर पर सोशल मीडिया से लेकर ब्रिटेन के सांसदो ने अख़बार की कड़ी आलोचना की है.

लेबर सांसद वेटे कूपर ने लिखा की दो महिला नेता इस बात पर चर्चा कर रही है की यूनाइटेड किंगडम रहेगा या नही , जबकि अख़बार की नजर उनके नीचले अंगो पर टिकी हुई है. उधर पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लयेर के डॉक्टर ने सब लोगो से अपील की है की जहाँ कही भी इस घटिया पेपर की प्रतिया दिखाई दे , वो इन्हें फाड़ दे.

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