file photo: saudi deputy crown prince mohammed bin salman waves as he meets with philippine president rodrigo duterte in riyadh
FILE PHOTO: Saudi Deputy Crown Prince Mohammed bin Salman waves as he meets with Philippine President Rodrigo Duterte in Riyadh, Saudi Arabia, April 11, 2017. Bandar Algaloud/Courtesy of Saudi Royal Court/Handout/File Photo via REUTERS ATTENTION EDITORS - THIS PICTURE WAS PROVIDED BY A THIRD PARTY.

सऊदी अरब के शक्तिशाली क्राउन प्रिन्स मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान और तुर्की को “बुराई का त्रिकोण” बताया था. साथ ही उन्होंने खिलाफत-ए-उस्मानिया को लेकर कहा था कि तुर्की फिर से इस्लामी खलीफा के अंतर्गत शासन को बहाल करने की कोशिश में लगा है. जिसे एक सदी पहले ही खत्म कर दिया गया था.

इस बयान के सामने आने के बाद अब क्राउन प्रिंस बिन सलमान दुनिया भर के मुसलमानों के निशाने पर आ गए है. हालांकि इस मामले में उनकी और से सफाई पेश की गई है. अंकारा स्थित सऊदी अरब दूतावास ने ऐसी खबरों को झूठ का पुलिंदा करार दिया है.

सऊदी दूतावास ने कहा कि शैतानी ताकते मुस्लिम ब्रादरहुड और चरमपंथी संगठनों के लिए कहा गया था. बता दें कि मोहम्मद सलमान ने ये बयान हाल ही में अपनी मिस्र की आधिकारिक यात्रा के दौरान दिया था. इस बयान को मिस्र के पत्रकार लमिस एल्हदिद्य ने कोड किया था.

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ध्यान रहे तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान कई मौकों पर खिलाफत-ए-उस्मानिया को फिर से जिंदा करने का जिक्र कर चुके है. हाल ही में एर्दोगान ने मदीना मुनव्वरा की मिसाल देता हुए कहा था कि मुसलमानों ने अगर सब्र का दामन थामे रखा तो जल्द ही फिर से तुर्की में खिलाफत-ए-उस्मानिया दुबारा से कायम होगी.

उन्होंने कहा कि मदीना में मुसलमानों ने जिस तरह से सब्र के दामन को थामे रखा उसके बदले अल्लाह ने उन्हें मक्का फ़तेह का इनाम अता किया.