भारत में EVM हैकिंग को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने कोहराम मचाया हुआ है। लेकिन हर बार चुनाव आयोग EVM हैकिंग की खबरों को खारिज करते हुए आया है। लेकिन अब अमेरिका की एक कंपनी ने स्वीकारा कि उसकी ईवीएम में रिमोट से कंट्रोल होने वाला सॉफ्टवेयर लगा हुआ था।

अमेरिका की इलेक्शन सिस्टम एंड सॉफ्टवेयर (ES&S) नाम की कंपनी ने कबूल किया है कि उसकी ईवीएम में एक ऐसा सॉफ्टवेयर था जिसके जरिए मशीन को रिमोट के जरिए हैक किया जा सकता था। कंपनी ने अमेरिकी सेनेटर रॉन वाइडेन दिए एक पत्र में कहा है कि साल 2000-2006 के बीच बेचे गए ईवीएम में pcAnywhere नाम का एक सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया गया था जिसके जरिए ईवीएम को रिमोट से हैक किया जा सकता है।

मदरबोर्ड नाम की एक वेबसाइट की रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है और इसके पास वह पत्र भी है जिसमें कंपनी ने जवाब दिए हैं। कंपनी के जवाब के मुताबिक रिमोट के जरिए मशीन को हैक करने वाला यह सॉफ्टवेयर वोटिंग मशीन के बजाय इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम टर्मिनल में था जिसका इस्तेमाल वोटिंग मशीन को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है।

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कंपनी का कहना है कि PCAnywhere रिमोट सॉफ्टवेयर से हैकिंग का कोई लेना देना नहीं है. लेकिन साइबर सिक्योरिटी जर्नलिस्ट और ऑथर किम ज़ेटर, जिनके हाथ कंपनी का यह लेटर लगा है उन्होंने कहा है, ‘PCAnywhere सिक्योरिटी के लिहाज से बुलेटप्रुफ नहीं है।

2012 में हैकर्स ने खुलासा किया था कि उन्होंने PCAnywhere का सोर्स कोड 2006 में चुरा लिया था। इसके बाद PCAnywhere सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी सिमेंटेक ने कस्टमर्स से PCAnywhere के पुराने वर्जन का सॉफ्टवेयर हटाने के लिए कहा था।

EAC की गाइडलाइन के बाद 2007 में कंपनी ने pcAnywhere देना बंद कर दिया और कोई भी ES&S कस्टमर इसे यूज नहीं करता। हालांकि इस कंपनी की ईवीएम का भारत में होने वाले चुनाव में इस्तेमाल नहीं होता है।