ईसाईयों के सबसे पवित्र स्थल ‘वेटिकन सिटी’ में फ़िलिस्तीन का दूतावास का शुक्रवार को आधिकारिक रूप से उद्घाटन हो गया हैं. ये उद्घाटन ईसाईयों के सबसे बड़े धर्मगुरु प्रोप फ्रांसिस की मौजूदगी में हुआ. ये इजराइल के लिए फिलिस्तीन की और से एक और कूटनीति झटका है.

इस मौके पर फिलिस्तीन के प्रेसिडेंटमहमूद अब्बास ने वेटिकन सिटी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इसाई धर्म के पाक ज़गह वेटिकन सिटी में फिलिस्तीन की एम्बेसी का खुलना शांति और हक की आवाज़ को दर्शाता है.

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इस दौरान उन्होंने इजराइल की आलोचना करते हुए कहा कि 1967 के समझौते के तहत फिलिस्तीन को आजादी देनी चाहिए. 1967 के समझौते पर इजराइल ने भी हस्ताक्षर किये थे लेकिन अब इजराइल अपने ही बयान से बदल रहा है.

उन्होंने फिलिस्तीन में सभी धर्मो की आजादी का भरोसा दिलाते हुए कहा कि फिस्लिस्तींन में आज तक किसी भी अल्पसंख्यक के साथ भेदभाव नही हुआ है और हम आगे भी ऐसा नही होने देंगे.

गौरतलब रहें कि दो साल पहले ही वेटिकेन ने फिलिस्तीन को संप्रभु राष्ट्र की मान्यता प्रदान की हैं. वेटिकेन और फिलिस्तीन के बीच मई 2015 में ‘वेटिकन सिटी’ में फ़िलिस्तीनी दूतावास खोले जाने को लेकर समझोता हुआ था.

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