स्वीडन की क्रिश्चियन काउंसिल ने रविवार को स्वीडन में हाल के हफ्तों में पवित्र कुरान को जलाने की निंदा की।

स्वीडिश प्रोटेस्टेंट चर्च एंटजे जैकले के आर्कबिशप सहित स्कैंडिनेवियाई देश के दस प्रमुख ईसाईयों ने मुस्लिम विरोधी कृत्यों के खिलाफ एक बयान जारी किया। जिसमे कहा गया, “लोगों के विश्वास के प्रति जागरूक उल्लंघन” से खुद को दृढ़ता से अलग कर लिया।

समूह ने कहा कि डेनिश दूर-दराज़ नस्लवादी समूह द्वारा की गई कार्रवाई, “बर्बर” थी। बयान में कहा गया, इस तरह के हमलों से लोगों के बीच ध्रुवीकरण बढ़ता है “ऐसे समय में जब हमारे देश को सभी की गरिमा और अधिकारों के लिए इकट्ठा होने की जरूरत है।”

आप्रवासन हार्ड लाइन (स्ट्राम कुर्स) पार्टी ने गुरुवार को रिंकीबी में मुस्लिम पवित्र पुस्तक की एक प्रति जला दी थी। इससे पहले दक्षिणी स्वीडन के माल्मो शहर में भी इसी तरह के कृत्य को अंजाम दिया गया था। जिसके बाद हुई हिंसा में कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए, और कम से कम 10 लोग गिरफ्तार किए गए।

पुलिस ने समूह के नेता रासमस पलुदन को दो साल के लिए स्वीडन में प्रवेश करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया। तुर्की और पाकिस्तान ने स्लामोफोबिक कार्यों के लिए स्वीडन सरकार और उसके दक्षिणपंथी चरमपंथियों को फटकार लगाई।

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