कैथोलिक ईसाइयों के सबसे वरिष्ठ धर्मगुरू पोप फ्रांसिस ने मुफ़्ती-ए-मिस्र से काहिरा में मुलाक़ात की. उनकी ये मुलाक़ात अंतर्राष्ट्रीय शांति कान्फ़्रेंस में हुई.

शनिवार को क़ाहेरा में आयोजित हुई अंतर्राष्ट्रीय शांति कान्फ़्रेंस में मिस्र के अलअज़हर विश्व विद्यालय के कुलपति शैख़ अहमद अत्तैयब ने हिस्सा लिया. इसी दौरान दोनों धर्मो के वरिष्ट धर्मगुरूओ की मुलाकात हुई.

कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अतैयब ने कहा कि सभी को स्र और संसार में आतंकवाद की भेंट चढ़ने वालों की याद में एक मिनट का मौन धारण करना चाहिए. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि आतंकवाद के पैदा होने का मुख्य कारण, हथियारों का व्यापार और अत्याचारपूर्ण प्रस्ताव जारी होने के बाद हथियारों के संदिग्ध समझौते हैं.

वहीँ पोप फ़्रांसिस ने कहा कि रचनात्मक वार्ता और युवाओं को एक दूसरे के सम्मान का पाठ सिखाए बिना कभी भी शांति हासिल नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि मानवता का भविष्य, धर्मों और संस्कृतियों के बीच वार्ता पर आधारित है और शांति की प्राप्ति तथा मतभेदों को दूर करने के लिए धर्मों के बीच बातचीत बहुत ज़रूरी है.

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें