क्राइस्टचर्च शू’टर को ठहराया गया दोषी, बिना पैरोल के मिल सकती है उम्र कैद

पिछले साल न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च स्थित दो मस्जिदों में नमाज के दौरान गोलीबारी कर 51 लोगों की ह’त्या के लिए दोषी करार दिये गए आस्ट्रेलियाई श्वेत ब्रेंटन टैरंट ने आज अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसकी सजा पर बहस चार दिनों तक चलेगी। इस दौरान कोर्ट हमले में बचे 66 लोगों के बयान दर्ज करेगा।

इस दौरान टॉरेंट (Brantan Tarrant) ने कहा कि वो क्राइस्टचर्च (Christchurch) की दोनों बड़ी मस्जिदों को तबाह कर देना चाहता था और उसने इसीलिए नमाज के समय को चुना था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वो निशाना बना सके।

29 साल के टैरंट को आजीवन कारावास की सज़ा दी जा सकती है और बहुत संभव है कि इसमें पैरोल पर रिहाई की भी अनुमति नहीं होगी। न्यूज़ीलैंड में कभी ऐसी सज़ा किसी को नहीं मिली है। टैरेंट हत्या और हत्या की कोशिश के अलावा आतंकवादी वारदात को अंजाम देने का दोषी है।

15 मार्च 2019 को 29 साल के टैरेंट ने क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों पर जुमे की नमाज के दौरान हमला किया था। टॉरेंट ने कम से कम 7000 राउंड गोलीबारी की व्यवस्था की थी। टॉरेंट ने पुलिसवालों से कहा था कि वो मस्जिदों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाने की पूरी प्लानिंग करके आया था।

टॉरेंट के पास मॉसबर्ग 930 सेमी ऑटोमेटिक के 12 शॉटगन (Mossberg 930 semiautomatic 12 gauge shotgun) और विंढाम कंपनी की.223 कैलिबर की एमएसएसए राइफल (Windham Weaponry .223 calibre MSSA rifle) के साथ अन्य हथियार भी थे।

विज्ञापन