बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के समर्थकों द्वारा की गई हिंसा को आधार बनाकर चीनी मीडिया ने भारत पर तंज कसा है.

चीनी मीडिया ने भारत को डोकलाम के बजाय डेरा पर ध्यान देने की नसीहत दी है. डेरा समर्थकों की हिंसा को चीनी मीडिया ने भारत के लिए एक बड़ा संकट करार दिया. साथ ही कहा कि भारत पहले अपने घरेलू संकटों का समाधान निकाले.

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ग्लोबल टाइम्स ने सोमवार को लिखा, ”दंगों को शांत करना भारत का आंतरिक मामला है और चीन को उम्मीद है कि भारत सरकार जल्द ही इस अशांति को दबाने में कामयाब होगी. लेकिन जैसा कि बीजिंग और नई दिल्ली के बीच कुछ समय से डोकलाम गतिरोध चल रहा है… हमें चिंता इस बात की है कि अगर भारत में दंगों में वृद्धि हुई तो घरेलू संघर्ष से लोगों का ध्यान हटाने लिए भारत सीमा विवादों का इस्तेमाल कर सकता.”

सम्पादकीय में कहा गया, गुरमीत राह रहीम सिंह एक सोशल वेलफेयर और स्पिरिचुअल ग्रुप का प्रमुख है. जिसके 6 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. भारतीयों ने दुनिया में हमेशा अपने देश को पवित्रता का गढ़ बताया है, लेकिन अंधविश्वास और दकियानूसी परंपरा वाली सोच उसके आधुनिकीकरण में मुश्किल बनी है.

आगे कहा गया, भारतीय हमेशा गुरुओं को पूजते रहे हैं। ये स्वयंभू भारत में बड़े-बड़े उद्योगपति भी हैं. अपने जबर्दस्त रसूख वाले गुरमीत राम रहीम का खुद का होटल है, सिनेमा हॉल और स्कूल हैं. वह एक फिल्म में खुद को बतौर हीरो भी पेश कर चुका है. उसे दोषी करार दिए जाने के बाद उसके हजारों समर्थक पुलिस पर लाठियों और पत्थरों से हमला  किया.

यह घटना बताती है कि भारत की जनता देश की पारंपरिक राजनीति से मायूस है. बड़ी संख्या में ऐसे नाखुश भारतीय गैर-पारंपरिक धार्मिक गुटों की ओर जा रहे हैं.

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