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चीन के अशांत शिनजियांग प्रांत में हजारों वीगर मुसलमानों को ‘व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों’ में रखने को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए चीन सरकार ने अपने इस विवादस्पद कदम को जायज साबित ठहराने की ‘कोशिश की है।

चीन ने कहा कि इस कठोर कदम से पिछले 21 महीने में वहां आतंकवादी हमले रुक गए हैं। अफगानिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर से सटा शिनजियांग प्रांत पिछले कई साल से अशांत है। यह तुर्क मूल के वीगर मुसलमानों की बहुलता वाला इलाका है, जो हान चीनियों को बड़े पैमाने पर बसाए जाने का विरोध कर रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र की जिनेवा स्थित नस्ली भेदभाव उन्मूलन समिति ने कहा है कि वह शिनजियांग क्षेत्र में वीगर और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों की हिरासत से चिंतित है। उसने उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की।

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शिनजियांग वीगर स्वायत्तशासी क्षेत्र की सरकार के अध्यक्ष शोहरत जाकिर ने कहा, ‘अब शिनजियांग आम तौर पर स्थिर है और हालात काबू में हैं और सुधर रहे हैं। पिछले 21 माह के दौरान कोई आतंकवादी हमले नहीं हुए हैं और जनसुरक्षा को खतरे में डालने वाले हमलों समेत आपराधिक मामलों की संख्या में कमी आई है।’ शोहरत खुद भी वीगर हैं।

इससे पहले चीनी प्रशासन ने शिनजियांग में हलाल उत्पादों को पूरी तरह से बैन कर दिया। चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने बुधवार को लिखा, “हलाल उत्पादों की मांग की वजह से दिक्कतें पेश आ रही हैं जिसके चलते इस्लाम का सेक्यूलर जीवन में दख़ल बढ़ रहा है।” प्रांत के एक स्थानीय अधिकारी इलशात ओसमान ने एक लेख लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है, “दोस्तों आपको हमेशा हलाल रेस्तरां खोजने की ज़रूरत नहीं है।”

बता दें कि इससे पहले चीन में मुसलमानों के विचार परिवर्तन और उन्हें देशभक्त बनाने के लिए जबरन शैक्षिक कैंप भी भेजा जा रहा है। जिस पर दुनियाभर में चिंता ज़ाहिर की जा रही है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार मामलों की समिति के समक्ष कहा गया था कि चीन में क़रीब दस लाख वीगर मुसलमान पुनः शिक्षा कैंपों में हैं।

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