दलाई लामा की अरूणाचल यात्रा को लेकर भड़के हुए चीन ने बोखलाहट में भारत के खिलाफ मौर्चा खोल दिया हैं. चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 6 जिलों को न केवल अपने नक्शें में दिखाया बल्कि उन जिलों के नाम चीनी भाषा में भी रख दिया हैं. हाल ही में दलाई लामा की अरूणाचल यात्रा को लेकर चीन ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी. साथ ही उसने यात्रा के बाद भारत के समक्ष कड़ा विरोध भी दर्ज कराया हैं.

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने 14 अप्रैल को घोषणा की थी कि उसने केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप ‘दक्षिण तिब्बत’ ( अरुणाचल प्रदेश) के छह स्थानों के नामों का चीनी, तिब्बती और रोमन वर्णों में मानकीकरण कर दिया है. रोमन वर्णों का इस्तेमाल कर रखे गए छह स्थानों के नाम वोग्यैनलिंग, मिला री, कोईदेंगारबो री, मेनकुका, बूमो ला और नमकापबरी हैं.

दरअसल चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत कहता है जबकि भारत का कहना है कि विवादित क्षेत्र अक्सई चिन क्षेत्र है, जिसे चीन ने वर्ष 1962 के युद्ध में कब्जा लिया था. दोनों पक्षों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधियों की 19 दौर की वार्ता हो चुकी है. अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, छह जगहों के नाम के मानकीकरण के टिप्पणी करते हुए चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि यह ‘‘विवादित क्षेत्र में देश की क्षेत्रीय संप्रभुता की पुष्टि’ के लिए उठाया गया कदम है.

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चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कंग ने कहा, ‘‘यह नाम दक्षिण तिब्बत (अरुणाचल प्रदेश) पर चीन की क्षेत्रीय दावे का समर्थन करते हैं और इतिहास, संस्कृति और प्रशासन के संदर्भ में स्पष्ट साक्ष्यों से इसे बल भी मिलता है. इन नामों को जारी करने का काम मुहल्लों के नामों को लेकर नियमों के अनुरूप हुआ है और यह चीनी सरकार द्वारा की गयी वैध कार्रवाई है.’

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