चीन में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। लेकिन इससे निपटने का अब तक कोई समाधान नहीं निकाल पाया। सोमवार को 103 लोगो के साथ अब तक चीन में 1016 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 42634 लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कोरोना वायरस के चीन से बाहर जाने का मतलब यह है कि अब दुनिया पर और बड़ी आफत आ सकती है।  WHO के डायरेक्टर जनरल डॉ. टेड्रोस घेब्रेइसस (Dr. Tedros Ghebreyesus) ने कहा है कि यह एक बड़ी भयावह महमारी की शुरुआत है।

घेब्रेइसस के अनुसार, यह तो इस वायरस का शुरुआती प्रकोप है। अभी इस भयानक महामारी का खतरनाक रूप देखना बाकी है। उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया को इसके लिए सतर्क रहने के साथ ही हर संभव तैयारी रखने की जरूरत है। कोरोना वायरस के कहर को कैसे रोकना है, इस बात का संतोषजनक जवाब अब तक नहीं मिल पाया है।

घेब्रेइसस ने बताया कि अब सबसे बड़ी चिंता ये है कि कोरोना वायरस बस चीन से नहीं फैल रहा बल्कि वहां से विभिन्न देशों में जा चुके लोगों से फैल रहा है। उनके अनुसार, ऐसे कम संख्या वाले मामलों को पकड़ पाना आसान नहीं होगा। साथ ही,  इनसे वायरस के फैलने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। वहीं, कई छोटे देशों में इस वायरस के डिटेक्शन के लिए पर्याप्त मेडिकल किट्स भी नहीं हैं। बड़े और विकासशील देश जैसे अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, भारत में भी अब तक इसके रोकथाम के लिए कोई दवा इजाद नहीं हो पाई है।

वहीं राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में लोगों के बीच मौजूद होकर इस वायरस की गंभीरता पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ये दूसरा मौका है जब इस तरह के किसी वायरस से देश की जनता को नुकसान हो रहा है। उनकी जानें जा रही हैं। ये बीमारी बढ़ रही है और अब इसने एक महामारी का रूप ले लिया है। रोजाना सैकड़ों लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।

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