कनाडा में एक प्रमुख मुस्लिम संगठन ने मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ इस्लामोफोबिक हमलों की हालिया लहर के बाद देश में घृणा अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान किया है।

कनाडाई मुसलमानों की राष्ट्रीय परिषद ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि नस्लवाद कनाडा में एक “वास्तविक समस्या” है, और देश में नस्लवादी और इस्लामोफोबिक अपराधों से निपटने के लिए द्विदलीय समिति के “तत्काल” निर्माण का आह्वान किया।

यह कहते हुए कि “तनाव और भय अधिक है।” यह बयान कनाडा में काले मुसलमानों के खिलाफ हाल के हमलों के बाद आया है।

पिछले दस हफ्तों में अल्बर्टा के एडमॉन्टन शहर में पांच सोमाली-कनाडाई मुस्लिम महिलाओं के साथ मारपीट की गई है। पिछले साल शहर में 60 से अधिक ऐसे अपराध सामने आए थे।

स्थानीय मीडिया ने 2020 में 140 इस्लामोफोबिक और नफ़रत से संबंधित घटनाओं की सूचना दी। जिनमे जानलेवा हमले भी शामिल थे।

एडमॉन्टन अस्पताल की नर्स असम अली ने ग्लोबल न्यूज़ को बताया कि हिजाब और डार्क स्किन के कारण उसे बार-बार गालियों से निशाना बनाया जाता है।

अली ने कहा, “मेरे सबसे ज्यादा दिखने वाले मुस्लिम दोस्तों और परिवार के सदस्यों में सभी के पास किसी तरह की इस्लामोफोबिया की कहानी है।” “आम जनता इस बारे में मीडिया के माध्यम से सुनती है, जबकि हमारी वास्तविकता यह है कि ये हमारी बहनें और हमारी माताएँ हैं।”

पिछले महीने, एक व्यक्ति ने अल्बर्टा विश्वविद्यालय में एक मुस्लिम महिला पर नस्लीय हमला हुआ था। और एक अलग घटना में, एक व्यक्ति ने एक महिला को पीटा, उसकी जान को खतरा था और उसके बुर्का को फाड़ दिया।

अल्बर्टा में लगभग 113,000 मुस्लिम हैं।