टीपू सुल्तान की वंशज नूर इनायत खान को ब्रिटेन में ‘ब्लू प्लाक’ से किया गया सम्मानित

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन के लिए जर्मनी अधिकृत फ्रांस में जासूसी करने वाली 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की वंशज नूर इनायत खान लंदन में मेमोरियल प्लाक से सम्मानित की जाने वाली पहली महिला बनी गई हैं।नूर इनायत खान के नाम पर मध्य लंदन में उनके पूर्व पारिवारिक घर में स्मारक ‘ब्लू प्लाक’ देकर सम्मानित किया गया।

नूर इनायत खान द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिटलर के कब्जे वाले स्थान पर वेश बदल कर दाखिल हो गई थीं और वहां से बड़ी सफाई से खुफिया सूचनाएं ब्रिटेन को भेज रही थीं। नूर खान पहली महिला रेडियो ऑपरेटर थीं जिन्हें विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस भेजा गया था।

नूर, भारतीय सूफी संत हजरत इनायत खान की बेटी और 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की वंशज थीं जिनकी 1944 में दचाउ यातना शिविर यानी कन्सन्ट्रेशन कैंप में हत्या कर दी गई थी और उन्होंने कैद करने वालों को किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी थी यहां तक कि अपना असली नाम भी नहीं बताया था।

इतिहासकार और ‘Spy Princess: The Life of Noor Inayat Khan’ की लेखिका श्रावनी बसु ने कहा, ‘जब नूर इनायत खान अपने अंतिम मिशन पर अपना घर छोड़कर रवाना हुईं थीं, तो उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन वह बहादुरी का प्रतीक बन जाएंगी।’

बसु ने कहा, ‘वह एक असाधारण जासूस थीं। सूफी होने की वजह से वह अहिंसा एवं धार्मिक सौहार्द में यकीन करती थीं।’ बसु ने एक छोटे से समारोह में इस मेमोरियल प्लाक का औपचारिक रूप से अनावरण किया जिसका प्रसारण सोशल मीडिया पर किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘यह उचित होगा कि भारतीय मूल की पहली महिला नूर को ब्लू प्लाक के साथ याद रखा जाएगा. इसे देखकर, नूर की कहानी भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। आज की दुनिया में,एकता और स्वतंत्रता का उनका दृष्टिकोण पहले से कहीं ज्यादा महत्त्वपूर्ण है।’

विज्ञापन