ब्रिटिश सरकार ने देश में मुसलमानों के साथ बड़ते भेदभाव को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके देश में मुसलमानों के साथ भेदभाव हो रहा है. और अब इसे रोके जाने की जरूरत हैं.

ब्रिटिश सरकार ने स्वीकार करते हुए कहा कि मुसलमानों के साथ सबसे ज़्यादा रोज़गार देने में भेदभाव किया जाता है और लगभग 30 लाख मुसलमानों ने इसका अनुभव किया है. और ज्यादातर भेदभाव काम की तलाश करने वाले मुसलमानों के साथ हो रहा हैं. इसके साथ ही उन्हें वेतन भी कम दिया जाता हैं.

रिपोर्ट में कहा गया कि मुस्लिम कर्मचारियों का वेतन ईसाई कर्मचारियों की तुलना में कम होता हैं. ब्रिटेन सहित पूरा यूरोप इस्लामोफ़ोबिया की चपेट में हैं. जिसके कारण मुसलमानों को भेदभाव के साथ हिंसा का सामना भी करना पड़ रहा हैं.

ब्रिटेन में जनमत संग्रह के बाद से ही देश के मुसलमानों को और अधिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा हैं. पश्चिमी देशों में इस्लामोफ़ोबिया को हवा देने में कट्टरवादी दक्षिणपंथी पार्टियों और विचारधारा की बड़ी भूमिका है. जिसके कारण मुसलमानों को नफरत से देखा जाने लगा हैं.


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