वैश्‍विक तेल बाजार में आज से ईरान के तेल और वित्‍तीय क्षेत्र के लिए अब तक के सबसे कड़े अमेरिकी प्रतिबंध लागू हो गए हैं। ये प्रतिबंध अमेरिकी राष्‍ट्रपति द्वारा ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौता तोड़े जाने के बाद लागू किए गए हैं।

इस मौके पर ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि इस्लामिक गणराज्य सोमवार से प्रभावी हुए अमेरिकी प्रतिबंधों की गर्व के साथ उपेक्षा करेगा। टेलीविजन पर भाषण में रूहानी ने कहा, ‘‘ मैं घोषणा करता हूं कि हम आपके गैरकानूनी, अनुचित प्रतिबंधों की गर्व के साथ उपेक्षा करेंगे क्योंकि ये अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ जाकर लगाए गए हैं।’’

ईरान के खिलाफ सोमवार से प्रभावी हुए अमेरिका के अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों के बारे में ट्रंप प्रशासन का कहना है कि उसे इस बात का भरोसा है कि ईरान के शासन के बर्ताव को बदलने में ये असरदार सबित होंगे। हालांकि उन्होंने यह सवाल टाल दिया कि क्या भारत और चीन ने अमेरिका को यह पक्का भरोसा दिलाया है कि छह महीने के भीतर वे तेहरान से तेल खरीद पूरी तरह बंद कर देंगे।

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बता दें कि अमेरिकी प्रतिबंधों का सबसे बुरा असर भारत जैसे विकासशील देशों पर पड़ेगा। क्‍योंकि ये देश की सबसे ज्‍यादा ईरान से तेल खरीदते हैं। ईरान दुनिया का प्रमुख तेल उत्‍पादक देश है।

हालांकि अमेरिका ने फिलहाल 13 देशों को ईरान से तेल मंगाने पर छूट दे रखी है। तुकी ने घोषणा की है कि उसे यह छूट हासिल है। भारत, दक्षिण कोरिया, जापान और ईराक को भी इसका फायदा मिल सकता है। इन देशों की सूची सोमवार को ही जारी होगी।

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