म्यांमार में सुरक्षा बलों और बौद्ध आतंकियों के हाथों जुल्मों शिकार हुए रोहिंग्या मुसलमान अपनी जान बचाते हुए कठिन परिस्थितियों में बांग्लादेश पहुंचे थे. ताकि वे एक सुरक्षित ज़िन्दगी गुजार सके. लेकिन बांग्लादेश सरकार ने उनके बारें मे जो फिसला लिया वह बड़ा ही मायूस करने वाला हैं.

दरअसल, बांग्लादेश सरकार ने देश में शरण लिए हुए सभी रोहिंग्या मुस्लिमों को को ऐसे द्वीप पर बसाने का फैसला किया हैं जो ज्यादातर समय बाड़ से प्रभावित रहता हैं. इसके लिए सरकार ने एक तटीय समिति का गठन हैं. जिन्हें आदेश जारी कर कहा गया कि वे म्यांमार के गैर पंजीकृत नागरिकों की पहचान कर उन्हें बंगाल की खाड़ी के थिंगरचार नामक द्वीप पर बसाने में मदद करे.

कैबिनेट डिवीजन की ओर से पिछले सप्ताह जारी किए गए आदेश के अनुसार, समिति म्यांमार से आए पंजीकृत और गैर पंजीकृत शरणार्थियों को जिला नवाखुली में हातिया द्वीप के पास थिंगरचार नामक द्वीप पर बसाने में सहायता करेगी. बांग्लादेश की इस स्थानांतरण योजना पर रोहिंग्या समुदाय के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की हैं. हथिया मेघना नदी के मुहाने पर एक द्वीप हैं जहाँ पर रोहिंग्या मुस्लिमों ने शरण ले रखी हैं.

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के अनुसार लगभग दो लाख बत्तीस हजार रोहिंग्या मुसलमान पहले से ही बांग्लादेश में शरण लिए हुए हैं. जबकि पिछले साल अक्टूबर से 65000 से अधिक रोहिंग्या मुस्लिमों ने बांग्लादेश का रुख किया हैं.


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