नई दिल्ली. विवादित नागरिकता (संशोधन) विधेयक (Citizenship Amendment Bill, 2019) पर आपत्ति जताने के बाद अब बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल मोमिन  ने अपना भारत दौरा रद्द कर दिया। उनके साथ गृह मंत्री असदुज़्ज़मान ख़ान ने अपना भारत दौरा रद्द किया है।

विदेश मंत्रालय द्वारा पहले जारी सूचना के अनुसार ए के अब्दुल मोमेन (AK Abdul Momen) को गुरुवार को शाम पांच बजकर 20 मिनट पर यहां पहुंचना था। बताया जा रहा है कि विधेयक (Bill) के पारित होने के बाद के हालात को देखते हुए उन्होंने अपनी यात्रा रद्द की है।

बांग्लादेश उच्चायुक्त के सूत्रों के हवाले से बीबीसी ने बताया कि गृह मंत्री असदुज़्ज़मान ख़ान की यात्रा भी रद्द हो गई है। उनका कार्यक्रम पहले से निर्धारित था, हालाँकि यात्रा रद्द होने की कोई वजह नहीं बताई गई है।

हालाँकि, समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक विदेश मंत्री अब्दुल मोमिन ने अपना दौरा रद्द करने की वजह देश के अंदरूनी हालात को बताया है। एएनआई ने मोमिन के हवाले से कहा, “मुझे दिल्ली में हो रहे बुद्धिजीवी देबोश और विजय दिवस कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था, लेकिन हमारे राज्य मंत्री मैड्रिड में हैं और विदेश सचिव हेग में। ऐसे में मुझे अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी है।”

वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ”हमें ये मालूम है कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने दौरा रद्द किया है। उन्होंने अपने न आने की वजह भी बताई है। हमें उनकी बात को स्वीकार करना चाहिए। जहां तक दोनों देशों के रिश्तों की बात करें तो ये मज़बूत हैं। मुझे नहीं लगता कि दोनों देशों के रिश्तों में कोई फ़र्क़ पड़ेगा।”

जब रवीश कुमार से मोमिन के अमित शाह के बयान पर दी प्रतिक्रिया के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ”कैब को लेकर बांग्लादेश के विदेश मंत्री की टिप्पणी को लेकर कंफ्यूजन है। हमने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को लेकर जो कहा है, वो सैन्य शासन के लिए कहा गया था। ये मौजूदा सरकार पर टिप्पणी नहीं है।”

बता दें कि गुरुवार सुबह ही एके. अब्दुल मोमेन ने कहा था कि दुनिया में कुछ ही ऐसे देश हैं, जहां बांग्लादेश जैसा अच्छा सांप्रदायिक सौहार्द है। अमित शाह को कुछ दिन के लिए बांग्लादेश में आना चाहिए, तभी उन्हें बांग्लादेश के सांप्रदायिक सौहार्द का पता लगेगा।

इसके अलावा बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत के अंदर ही काफी दिक्कतें हैं, पहले उन्हें उनसे निपटना चाहिए। हमें उससे कोई परेशानी नहीं है लेकिन एक दोस्त देश होने के नाते हम इतना चाहते हैं कि भारत ऐसा कुछ नहीं करेगा, जिससे दोनों देशों के संबंध में तकरार आएगी।

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