डेनमार्क सरकार ने देश में नकाब और बुर्का समेत चेहरा ढंकने वाले तमाम परिधानों को पहनने पर रोक लगा दी है।डेनमार्क की संसद ने 31 मई को इस कानून को मंजूरी दी थी। जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर नकाब, बुर्का या चेहरे को ढकने वाला अन्य कोई परिधान पहनना दंडनीय अपराध होगा।

इस कानून का उल्लंघन करने वाले पर एक हजार क्रोनर (10,723 रुपये) का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति दूसरी बार इस पाबंदी का उल्लंघन करता पाया जाएगा तो उस पर पहली बार के मुकाबले 10 गुना अधिक जुर्माना लगाया जाएगा या छह महीने तक जेल की सजा होगी। जबकि किसी को बुर्का पहनने के लिए मजबूर करने वाले को जुर्माना या दो साल तक जेल हो सकती है।

सत्तारूढ़ उदारवादी पार्टी वेंस्त्रे के मार्कस नुथ ने कहा कि कुछ रूढ़िवादी महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले लिबास “बहुत दमनकारी” हैं। वहीं “पार्टी रिबेल्स” कार्यकर्ता समूह की शाशा एंडर्सन इस कदम के खिलाफ शाम में प्रदर्शन करने की योजना बना रही हैं। उन्होंने इसे अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ एक “पक्षपाती” कदम बताया। बता दें कि डेनमार्क, यूरोपीय संघ के सदस्यों में पहला है जिसने ऐसी पाबंदी लागू की है।

हालांकि सरकार के इस फैसले का बड़े पैमाने पर विरोध शुरू हो गया है। इस कानून के विरोध में कोपेनहेगन में हुई रैली ने सैकड़ों की संख्या में भाग लिया है।

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें