Tuesday, November 30, 2021

बैतुल मुक़द्दस हमेशा से फिलिस्तीनियों का ही रहा: मलेशियाई प्रधानमंत्री

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पश्चिमी यरुशलम को इज़राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने की मलेशिया ने ऑस्ट्रेलिया की तीखी आलोचना की है। मलेशिया के प्रधानमंत्री ने कहा है कि किसी भी देश को यह अधिकार नहीं है कि वह बैतुल मुक़द्दस को इज़राइल की राजधानी के रूप में स्वीकार करे।

प्रधानमंत्री महातीर मुहम्मद ने थाइलैंड की राजधानी बैंकाक में कहा कि बैतुल मुक़द्दस हमेशा से फ़िलिस्तीनियों का रहा है और आज जैसा वह है, वैसा ही बाक़ी रहना चाहिए। मलेशिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ सरकारों की ओर से बैतुल मुक़द्दस के इस्लामी शहर को एक ऐसी सरकार से संबंधित करने के आग्रह का कोई औचित्य नहीं है, जिसका बैतुल मुक़द्दस कभी रहा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह काम, मुसलमानों और यहूदियों के बीच युद्ध करवाने के उद्देश्य से रचा गया षड्यंत्र है।

बता दें कि आॅस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्काॅट मोरिसन ने कहा है कि उनका देश अपना दूतावास तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित कर देगा। मॉरिसन ने सिडनी में एक भाषण में कहा, “नेसेट और कई सरकारी संस्थान वहां स्थित होने के कारण ऑस्ट्रेलिया पश्चिमी यरुशलम को इज़राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देता है.”

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Two persons watch the sun setting on the Old City of Jerusalem, with the Muslim mosque of the Dome of the Rock in the center, on January 23, 2017. / AFP PHOTO / THOMAS COEX

मॉरिसन ने कहा, “हम पश्चिम यरुशलम में दूतावास खोलने को लेकर उत्साहित हैं।” उन्होंने कहा कि दूतावास के लिए नए स्थान पर काम चल रहा है। इस बीच, प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया पवित्र शहर के पश्चिम में रक्षा और व्यापार कार्यालय स्थापित करेगा।

आॅस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि पश्चिम एशिया में ‘उदार लोकतंत्र’ का समर्थन करना ऑस्ट्रेलिया के हित में हैं। साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की आलोचना करते हुए कहा कि उस जगह पर इज़रायल को ‘तंग’ किया गया।

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