बहरैन के आले खलीफा प्रशासन ने बहरैन के शिया को अवैध रूप से एक साल कारावास की सज़ा सुनाई है।

बात दे कि शेख ईसा क़ासिम पर 3 लाख दीनार की राशि जब्त करने का आरोप लगाते हुए एक हजार दीनार का जुर्माना भुगतान करने की सजा सुनाई गई है।

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बहरैन के सरकारी टीवी चैनल के अनुसार बहरैन की राष्ट्रीय विफाक के बयान मे आया है कि आले खलीफा प्रशासन बहरैन मे एक नया व्यापक संकट पैदा कर रही है।

इस बयान मे यह भी आया है कि बहरैन के तानाशाह अपनी इस कार्रवाई से भविष्य मे सभी संभव राजनीतिक अवसरो, सुरक्षा, स्थिरता और बहरैन के न्याय और लोगो के भारी बहुमत की अनदेखी करते हुए सबको खत्म कर देना चाहते है, विशेश रूप से बहरैन का आले खलीफा प्रशासन इस चरण मे आ गया है कि जाफरी मजहब का पालन करना आज पारित होने वाले आदेशानुसार अपराध है। यह प्रावधान बहरैन की 60 प्रतिशत से अधिक जनता का अपमान करना है।

बयान मे कहा गया है कि हम पूरी दुनिया को बता देना चाहते है कि आज हमे एक भयंकर युद्ध का सामना है हमारे लिए किसी भी प्रकार की सुरक्षा, शांति और न्याय नही पाया जाता मनुष्य और नागरिक होने के नाते हमे अपने अधिकारो की रक्षा करने की आवश्यकता है। बहरैन और शेख ईसा क़ासिम के प्रति सभी स्वंय को नैतिकता, मानवता, और कानूनी संरक्षण का जिम्मेदारी समझे।

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