अज़रबैजान के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि 27 साल के कब्जे के बाद अजरबैजान की सेना ने नागोर्नो-करबख के अगदम जिले में प्रवेश किया।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अजरबैजान के साथ संघर्ष विराम समझौते के तहत अज़रबैजान सेना ने जिले में प्रवेश किया।

बता दें कि 1993 में आर्मेनियाई सेना ने जिले के लगभग 77% हिस्से पर जबरन कब्जा कर अपनी मातृभूमि से लगभग 200,000 अज़रबैजानियों को बेदखल कर दिया था।

अजरबैजान और आर्मेनिया के पूर्व सोवियत गणराज्यों के बीच संबंध 1991 से तनावपूर्ण रहे हैं, जब अर्मेनियाई सेना ने नागोर्नो-कराबाख पर कब्जा कर लिया था, जिसे ऊपरी कराबाख के रूप में भी जाना जाता था, इस क्षेत्र को अजरबैजान के हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त थी।

27 सितंबर को नई झड़पें हुईं और अर्मेनियाई सेना ने 44 दिनों तक मानवीय संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करते हुए नागरिकों और अज़रबैजानी बलों पर अपने हमले जारी रखे।

बाकू ने इस दौरान कई शहरों और लगभग 300 बस्तियों और गांवों को अर्मेनियाई कब्जे से मुक्त कराया। 10 नवंबर को, दोनों देशों नेलड़ाई खत्म करने के लिए रूस की मध्यस्था में समझौते पर हस्ताक्षर किए।

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