Tuesday, June 15, 2021

 

 

 

अज़रबैजान ने कराबाख में रखी नए हवाई अड्डे के लिए नींव, मस्जिदों का भी निर्माण किया शुरू

- Advertisement -
- Advertisement -

अजरबैजान के राष्ट्रपति ने शुक्रवार को फुजूली जिले में एक नए हवाई अड्डे और राजमार्ग की नींव रखी, जो हाल ही में लगभग तीन दशक लंबे अर्मेनियाई कब्जे से मुक्त हुआ।

राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने फ़ज़ुली-शुशा राजमार्ग के लिए गुरुवार को आधारशिला रखी – जिसमें पुल और सुरंगों का निर्माण शामिल है। हवाई अड्डे के पास 2.8 किलोमीटर लंबा (1.7-मील) रनवे होगा और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बुनियादी ढांचे से लैस होने की उम्मीद है।

अलीयेव ने कहा, “यह हमारे आजाद काराए गए क्षेत्रों के विकास के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण परियोजना है। फ़ुज़ुली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को इस वर्ष चालू किया जाना है। इस वर्ष कम से कम रनवे को चालू किया जाना चाहिए। हवाई अड्डे के निर्माण को इस वर्ष या अगले वर्ष शुरू किया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे का मुख्य उद्देश्य शुशा के लिए विदेशी मेहमानों के आगमन की सुविधा है, जो हवाई अड्डे के पास है। इस दौरान फ़र्स्ट लेडी मेहरिबान अलीयेवा और उनकी बेटी, लेयला  ने भी अजरबैजान की सांस्कृतिक राजधानी शुशा का दौरा किया, जो अर्मेनियाई सेनाओं से मुक्त हो गया।

उन्होंने कहा, “शुशा शहर को बहाल करने, उसके ऐतिहासिक स्वरूप को बहाल करने के लिए काम शुरू हो गया है। सामान्य तौर पर, युद्ध समाप्त होने में केवल दो महीने में ही व्यापक निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।”

अज़रबैजानी नेता ने इस बात पर भी जोर दिया कि एक दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को कलबाजार या लाचिन जिलों में बनाया जाएगा। इसके लिए एक उपयुक्त स्थल का चयन किया जा रहा है – और निकट भविष्य में दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का निर्माण पूरा किया जाना चाहिए।

इस दौरान अलीयेव ने जोर देकर कहा कि यदि आर्मेनिया में कोई भी बदला लेने की सोचता है, तो वे फिर से अजरबैजान के “लोहे की मुट्ठी” से निपटेंगे। उन्होंने कहा, “इस लोहे की मुट्ठी ने उनकी कमर तोड़ दी और उनके सिर को कुचल दिया। अगर वे हमारे खिलाफ कोई उकसावे की कार्रवाई करते हैं, तो हमारी प्रतिक्रिया बहुत कठोर होगी, वे बहुत खेदित होंगे और फिर से एक कड़वी हार का सामना करेंगे।”

अलीयेव और उनके परिवार ने बाद में सताली, युखरी गोवर्घ और आशागी गोवर्धन मस्जिदों का दौरा किया। नमाज़ के बाद, उन्होंने मक्का से मस्जिदों में लाई गई पवित्र क़ुरानें पेश कीं। उन्होने बताया, “कब्जे के दौरान, दुश्मन ने आज़ाद भूमि में हमारे धार्मिक स्थलों को नष्ट कर दिया, 67 मस्जिदों को तबाह कर दिया या उन्हें अनुपयोगी बना दिया।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles