Monday, October 18, 2021

 

 

 

अयोध्या विवाद: समझौते के नाम पर धमकाना शुरू, मुस्लिमों को जाना होगा पाकिस्तान या कब्रिस्तान

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समझौते के नाम पर सुर्ख़ियों में चड़ा अयोध्या विवाद के नाम पर अब मुस्लिमों को धमकाने का दौर शुरू हो गया है. हिन्दू धर्म संतों की और से अब खुले आम धमकी दी जा रही है.

अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष कन्हैया दास ने कहा कि अयोध्या राम लला की जन्मभूमि है और यहां पर उनकी दावा कमजोर होता जा रहा है. क्योंकि रामलला की मूर्ति अयोध्या में नहीं बनेगी तो कहा बनेगी. इसका जबाब उन लोगों के पास नहीं है और अन्य जो हमारे धाम है. जिनके नाम का कुछ अछर मुसलमानों के किसी नाम से मिलता जुलता है. उस पर उसी तरह से गलत बयान आ रहा है. जिस तरह अन्य धर्म व देश के साथ कर रहे है. यह उनका मंदिर मस्जिद नहीं यह उनका मन जिद है.

उन्होंने आगे कहा कि बदरुद्दीन शाह नाम का व्यक्ति जब जन्म हो तो उसके पहले बद्रीनाथ धाम है. जिसका उद्धार शंकराचार्य ने किया था. हमारे वेद मे बद्रीनाथ धाम है और वहां हिन्दू जाकर के अपना उद्धार करते है. उन्होंने कहा कि बदरुद्दीन के कह देने से यह मुसलमानों का नहीं हो जाएगा बल्कि राष्ट्र के विरुद्ध अब बोलने वालों के दिन भी अब करीब आ रहा है या तो उन्हें पाकिस्तान जाना पड़ेगा या कब्रिस्तान जाना पड़ेगा. यह लोग वहीं है जो एक बार पाकिस्तान बांट चुके है और अब भारत मे उथल पुथल मचाना चाहते है और दूसरे भारत की विभाजन की तैयारी में हैं. अब हिन्दू जाग चुका है अब उनका यह षड्यंत्र ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है.

वहीँ राम जन्म भूमि के पुजारी आचार्य सतेन्द्र दास ने बताया कि सैकड़ो वर्षों जब इनका शासन था तो इन्होंने तीन हजार मंदिरो को तोड़ कर मस्जिद बनाया और प्रत्यक्ष रूप से जो हमारे प्रमुख स्थान थे. अयोध्या, मथुरा और काशी इन तीनों को तोड़ करके जो मस्जिद बनाया जो आज भी उसके प्रतीक हैं और प्रमाण हैं. क्योंकि उस समय उनका शासन था. इस लिए उन्होंने कर लिया लेकिन अब ध्यान रखें अगर अब कोई नया विवाद उत्पन करते हैं तो उसका मुहतोड़ जबाब दिया जाएगा तथा जहां मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनी है. उस सब पर दावा ठोकना चाहिए.

पूर्व सांसद राम विलास दास वेदान्ती ने कहा कि बद्रीनाथ धाम हम हिन्दुओं का धार्मिक स्थल है. यह जानबूझ कर कांग्रेसियों के द्वारा यह षणयन्त्र किया जा रहा है जिससे भारत के सभी देव स्थान विवादित हो जाए बद्रीनाथ में किसी प्रकार का कोई इस्लामिक चिन्ह लगा नहीं है. आखिर कैसे उनकी याचिका को स्वीकार किया गया. बद्रीनाथ नाथ कोई मुस्लिम नहीं है. कुछ लोग वहां पर व्यापार करने के लिए इकत्र हुए हैं लेकिन देवबंद के मुल्लाह ने जो कुकृत किया है वह निंदनीय है. और इस याचिका को तत्काल खारिज कर देना चाहिए तथा धार्मिक स्थान को इस प्रकार से विवाद बनाना यह अंतर्राष्ट्रीय खडयंत्र है. मेैं इसे मुस्लिम आतंकवाद का प्रमाण मानता हूं और आतंकवादी चाहते है कि पूरे हिंदुस्तान पर कब्जा किया जाए, इसी दृष्टि यह कुकृत किया गया है. जिसमें कुछ कथा कथित कांग्रेसी नेता इसमें सम्मिलित हैं. यह हिन्दुओं के धार्मिक आस्था पर आघात करने के लिए किया गया है.

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