एर्दोगान के ताबूत वाले बयान पर मचा बवाल, ऑस्ट्रेलिया करेगा तुर्की के राजदूत को तलब

11:20 am Published by:-Hindi News
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न्यूजीलेंड में हुए दो मस्जिदों पर हमले को लेकर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोवान ने हमलवार के घोषणा पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए इस्लाम के दुश्मनों को ताबूत में भेजने की बात कहीं थी। जिसको लेकर अब बवाल मच गया है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मोरीसन ने ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (एबीसी) से कहा कि एर्दोगन का बयान बहुत अपमानजनक है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया में तुर्की राजदूत को तलब कर इस पर सफाई मागेंगे।

मोरीसन ने एबीसी को बताया, “मुझे यह बयान बहुत अपमानजनक लगा और मैं तुर्की के राजदूत को बुलाऊंगा तथा इन मुद्दों पर चर्चा करूंगा।” बता दें कि एक ऑस्ट्रेलियाई युवक ब्रेंटन टरांट (28) ने 15 मार्च को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों में गोलीबारी कर 50 लोगों की हत्या कर दी थी।

तुर्की खुफिया जानकारी के अनुसार यह हमलार दो बार तुर्की में दाखिल हुआ था। हमलावर के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए एर्दोआन ने कहा कि तुर्की किसी को भी “इस्तांबुल को कांस्टेंटिनोपल में बदलने” की अनुमति नहीं देगा। उन्होने कहा, “आपके दादा-दादी आए, उनमें से कुछ ताबूतों में लौटे। यदि आप अपने दादाजी की तरह आते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप अपने दादाजी की तरह चले जाएंगे। हथियार पर लिखना आसान है।

उन्होंने ओटोमन साम्राज्य के महायुद्ध की याद दिलाई जो मित्र देशों के बेड़े पर एक जीत थी, जो स्ट्रैट ऑफ डारडानेल्स के माध्यम से तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तुर्की फिर से “इतिहास लिखेगा” उनके खिलाफ जो “तुर्कों, मुसलमानों और सभी उत्पीड़ितों” के खिलाफ खड़ा होंगे।

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