दुनिया भर में इस्लामोफोबिया के चलते मुस्लिमों को नफरत का शिकार होना पड़ रहा हैं. इसे अछुता ऑस्ट्रेलिया भी नहीं रहा हैं. यहाँ पर भी मुस्लिमों को उनके संस्कृति, धर्म और पहनावे को लेकर निशाना बनाया गया. इसकी शुरुआत हिजाब से हुई जिसे मुस्लिम लड़कियां पहनती हैं. लेकिन इसी हिजाब को ऑस्ट्रेलिया के मुसलमानों ने नफरत से निपटने के लिए अपना हथियार बनाया हैं.

26 जनवरी को भारत में रिपब्लिक डे की तरह ऑस्ट्रेलिया में ‘ऑस्ट्रेलिया डे’ मनाया जाता हैं. जो ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक ‘नेशनल डे’ हैं. इसी दिन 1778 में ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में पोर्ट जैक्सन पर ब्रिटिश जहाजों का पहला बड़ा आया था. और राज्यपाल आर्थर फिलिप ने सिडनी कोव में ग्रेट ब्रिटेन का पहली बार ध्वज लहराया था. यह उसी की याद में हर साल मनाया जाता हैं.

ऑस्ट्रेलिया के ध्वज लिए हिजाब पहनी दो मुस्लिम लड़कियां इस बार ‘ऑस्ट्रेलिया डे’ को और अधिक खास बनाने वाली हैं. दरअसल मेलबर्न की सड़कों पर इन लड़कियों की ऑस्ट्रेलिया के ध्वज को लिए हिजाब पहनी तस्वीरों के विज्ञापन पुरे शहर में लगाये गये हैं. जो इस बात का साफ़ इशारा करते हैं ऑस्ट्रेलिया के मुसलमान अपने मुल्क से मुहब्बत करते हैं और इतनी ही मुहब्बत अपने मजहब, संस्कृति और पहनावे से भी करते हैं.

हिजाब पहनी इन दोनों लड़कियों की तस्वीर पिछले साल ‘ऑस्ट्रेलिया डे’ पर ही ली गई थी. इन विज्ञापनों के सामने आने के बाद ऑस्ट्रलिया सहित दुनिया भर में हिजाब को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी हैं.


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