अरब देशों की और से आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाकर आयद की गई पाबंदियों की आलोचना करते हुए क़तर के विदेशमंत्री ने कहा कि अरब देशों के प्रतिबंधों ने क़तर को ईरान से अधिक नजदीक ला दिया है.

विदेश मंत्री शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान आले सानी ने कहा कि दोहा, अब तेहरान के काफ़ी निकट है. उन्होंने कहा, वे (सऊदी अरब और उसके घटक देश) क़तर को किसी तोहफें की तरह ईरान को सौंप रहे हैं.

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उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यही उनका उद्देश्य यही है कि एक (फ़ार्स) खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देश को ईरान की झोली में डाल दें. यह कोई समझदारी भरा फ़ैसला नहीं हुआ.

सानी ने कहा कि  सीरिया जैसे मामलों में अभी भी क़तर के ईरान के साथ राजनीतिक मतभेद हैं. ध्यान रहे सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, बहरैन और मिस्र ने 5 जून से क़तर से सभी रिश्तें तोड़ उस पर कई पाबंदिया लगा दी है.

संबंध बहाली के लिए अरब देशों ने क़तर के सामने आतंकवादी गुटों का समर्थन बंद करने और ईरान से संबंध खत्म करने जैसी मांगे रखी है. हालांकि क़तर ने इन अरब देशों के आरोपों को सिरे से नकार दिया है.

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