अमरीका और इस्राईल को एक ही सिक्के के दो पहलू करार देते हुए यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह के प्रमुख अब्दुल मलिक बदरुद्दीन अलहौसी ने इस्लामी और अरब देशों से एकजुट हो जाने की गुजारिश की हैं.

उन्होंने कहा, अमरीका अपने हितों के लिए यमन की घेराबंदी करके रखना चाहता है. साथ ही उन्होंने सऊदी अरब को निशाने पर लेते हुए कहा कि आले सऊद का शासन वास्तव में एक अमरीकी-ज़ायोनी शासन है, जो इस्राईल और अमरीका की सेवा कर रहा है.

अंसारुल्लाह के प्रमुख ने कहा कि आले सऊद शासन, इस्लामी शासन होने का दावा करता है, जबकि इसका इस्लाम से दूर दूर तक का संबंध नहीं है. उन्होंने ईरान की नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा, ईरान स्वाधीन और स्वतंत्र रहने के लिए विश्व साम्राज्यवाद के सामने डट गया है.

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उन्होंने कहा कि पश्चिम ईरान द्वारा यमन की सहायता को एक अपराध मानता है, लेकिन यमन की निर्दोष जनता पर सऊदी बमबारी का समर्थन करता है.

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