Sunday, September 26, 2021

 

 

 

यूनेस्को ने मस्जिदुल अक्सा पर से यहूदीयों के दावे को किया ख़ारिज, भड़क उठे अमरीका और इस्राईल

- Advertisement -
- Advertisement -

aqsa

यूनेस्को द्वारा इस्लाम धर्म की तीसरी पवित्र मस्जिद मस्जिदुल अक्सा के सबंध में प्रस्ताव पारित कर मस्जिदुल अक्सा पर से यहूदीयों के दावे को ख़ारिज कर दिया हैं. गौरतलब रहें कि इजराइल मस्जिदुल अक्सा पर कब्ज़ा जमाना चाहता रहा हैं.

मिस्र, फिलिस्तीन, क़तर, लेबनान, सूडान, मोरक्को और अल्जेरिया द्वारा मस्जिदुल अक्सा पर मुस्लिमों के हक़ के लिए लाये गए इस प्रस्ताव के पक्ष में 24 देशों ने वोट किया. जबकि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, हालैंड, लिथुनिया और एस्तोनिया ने इस प्रस्ताव का विरोध किया. इसके अलावा 26 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.

गुरुवार को पारित इस मे कहा गया है कि बैतुल मुक़द्दस में स्थित धार्मिक स्थलों विशेष रूप से मस्जिदु अक़सा से यहूदियों का किसी प्रकार का धार्मिक या सांस्कृति रिश्ता नहीं है. इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद इजराइल और अमेरिका भड़क उठे हैं. इजराइल ने अपनी प्रतिक्रिया में यूनेस्को को बेकार की संस्था करार दिया है और अपने को यूनेस्को से अलग करने की घोषणा की है .

इजराइल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने बैतुल मुक़द्दस और मस्जिद अक़सा में ज़ायोनी शासन की निर्माण गतिविधियों को ग़ैर क़ानूनी बताए जाने पर कहा कि इस्राईल युनेस्को के प्रस्ताव पर कोई भी ध्यान दिए बिना इन क्षेत्रों में यहूदी कालोनियों के निर्माण का काम जारी रखेगा.

वहीँ अमरीकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्ट टोनर ने भी कहा कि वाशिंग्टन युनेस्को के प्रस्ताव का विरोध करता है और इस प्रकार के प्रस्तावों से क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में कोई मदद नहीं मिलेगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles