अमेरिका के नेतृत्व वाले यूरोपीय सैन्य संगठन नाटो को राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान के गुस्से के आगे झुकते हुए तुर्की से माफ़ी मंगनी पड़ी है.

दरअसल तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगान ने नार्वे में चल रहे आधुनिक तुर्की के संस्थापक मुस्तफा कमाल अता तुर्क के अपमान के चलते नाटो के सैन्य अभियास का बहिष्कार कर दिया था.

तुर्की की समाचार ऐजेंसी अनादोलू के मुताबिक, कमाल अता तुर्क के अपमान के अलावा तुर्की राष्ट्रपति को भी तानशाह करार देते हुए उनकी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई थी.

नाटो ने ये सैन्य अभ्यास तुर्की के राष्ट्रपति को दुश्मन बताकर शुरू किया था. इस घटना पर न केवल नाटो प्रमुख ने बल्कि नार्वे के रक्षा मंत्री फेंक बक्के जेन्सेन ने भी तुर्की से माफी मांगी है.

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि नाटो द्वारा जो किया गया उसके बाद तुर्की अपने सैनिकों का अलग युद्धअभ्यास करायेगा. हालांकि इस मामले में अब नाटो ने जांच के लिए जांच समिति गठित की है.

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