अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक के बाद एक अपने चुनावी वादों को तोड़ते जा रहे हैं. ट्रम्प ने चीन की ‘वन-चाइना’ नीति अपनी सहमति दे दी हैं. चीन ने भी ट्रंप के रुख में आए बदलाव का स्वागत किया है.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, ‘वन चाइना सिद्धांत चीन-अमेरिका संबंध की राजनीतिक बुनियाद है और इसको कायम रखना और पहले के समझौतों के आधार पर इसका अनुपालन करना अमेरिकी सरकार की प्रतिबद्धता है. यह चीन की ओर से अपनाया गया पुराना रुख भी है.’

लू ने चीन की इस नीति से जुड़े सवालों पर कहा, ‘राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ टेलीफोन पर बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वे ‘वन चाइना’ सिद्धांत को लेकर प्रतिबद्ध हैं. हम इसकी सराहना करते हैं.  ट्रंप और शी के बीच बातचीत के बाद व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति शी के आग्रह पर राष्ट्रपति ट्रंप ‘वन चाइना’ नीति का सम्मान करने को सहमत हुए हैं.

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चीन अपनी इस नीति के तहत ताइवान को अपना हिस्सा करार देता है. ट्रम्प ने दिसंबर में ताइवान की प्रेसिडेंट साइ इंग वेन से फोन पर बात की थी. 37 साल में यह पहला मौका था, जब यूएस के किसी प्रेसिडेंट या प्रेसिडेंट इलेक्ट ने ताइवान के किसी प्रेसिडेंट से सीधी बातचीत की हो. ट्रम्प के इस कदम से चीन नाराज हो गया था. इसके बाद चीन की वन-चाइना पॉलिसी को लेकर भी ट्रम्प ने सख्त बयान दिए थे.

इस पर चीन के सरकारी अखबार ने डोनाल्ड ट्रम्प को चेतावनी देते हुए एडिटोरियल में कहा था, “अगर ट्रम्प यूएस की वन-चाइना पॉलिसी से मुकरे तो चीन इसका बदला लेगा.”

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