मास्को | सीरिया में हुए रासायनिक हमलो से अमेरिका तिलमिला गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीरिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा करते हुए मिसाइल दागने के आदेश दे दिए. ट्रम्प के आदेश के बाद अमेरिका ने सीरियाई सुरक्षाबलो और उनके हवाई ठिकानो पर करीब 60 क्रूज मिसाइल दागी है. जिसके बाद पूरी दुनिया दो धडो में बंटी दिखाई दे रही है. जहाँ रूस और उसके सहयोगी देशो ने हमले की आलोचना की है वही कई देश इसके समर्थन में आ गए है.

अमेरिकी हमले के बाद रूस सबसे ज्यादा गुस्से में दिखाई दे रहा है. रुसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा की उन्होंने सीरिया पर हमला करके अन्तराष्ट्रीय कानून का उलंघन किया है. इस हमले के बाद अमेरिका और रूस के रिश्ते बिगड़ चुके है और अब हम अमेरिका की मदद नही करेंगे. पुतिन के अलावा रुसी विदेश मंत्री ने भी अमेरिका हमले की आलोचना की है.

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बताते चले की अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पुतिन के बीच हमेशा से विवाद रहा है. लेकिन ट्रम्प के आने के बाद कहा जा रहा था की ट्रम्प , पुतिन के काफी नजदीक है. इसलिए दोनों देशो के रिश्ते अब सामान्य हो जायेंगे. इसके अलावा ट्रम्प ने यह भी कहा था की वो सीरिया मामले से खुद को अलग रखेंगे. लेकिन अब सीरिया पर हमला करके उन्होंने तीसरे विश्वयुद्ध को न्योता दे दिया है.

क्योकि जहाँ जर्मनी, फ्रांस, सऊदी अरब , ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन , इजराइल और तुर्की ने अमेरिकी हमले का समर्थन किया है वही रूस, चीन, इरान और सीरिया सरकार ने हमले की निंदा की है. इसके अलावा अमेरिका ने जिन इलाको पर बमबारी की है वहां सीरियाई सुरक्षाबलो के अलावा रुसी सैनिक भी ठहरे हुए है. इसलिए अंदाजा लगाय जा रहा है की इस हमले में रुसी सैनिक भी मारे गए होंगे.

हालाँकि पेंटागन की और से कहा गया की उन्होंने हमले के दौरान इस बात ख्याल रखा है की सीरियाई सैनिक और रुसी सैनिको को इससे बचाया जा सके. इस हमले के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री का रुसी दौरा भी खटाई में पड़ता दिख रहा है. फ़िलहाल जिस तरह के हालात बने है उससे तीसरे विश्वयुद्ध की आहट सुनाई दे रही है.

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