वॉशिंगटन: अमेरिका ने म्यांमार सैन्य बलों के कमांडर-इन-चीफ तथा तीन अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारियों पर अल्पसंख्यक समुदाय रोहिंग्या के सदस्यों की गैर-न्यायिक ह’त्या करने के कारण प्रतिबंध लगा दिया है।

समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र विशेष आयोग की पिछले साल रिपोर्ट आई थी जिसमें सैनिकों और आतंकवादी संगठनों द्वारा रोहिंग्याओं के खिलाफ कार्रवाई को मानवता के खिलाफ हम’ला कहा था। उस रिपोर्ट की प्रतिक्रिया में अमेरिका ने पहली बार इतने कठोर प्रतिबंध लगाए हैं।

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने मंगलवार को एक बयान में कहा, “इस घोषणा के साथ, अमेरिका बर्मा की सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों के संदर्भ में सार्वजनिक रूप से कार्रवाई करने वाला पहला देश बन गया है।”

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उन्होंने कहा, “हमने इन लोगों को मानवाधिकारों के व्यापक उल्लंघन के साथ-साथ उत्तरी रखाइन प्रांत में रोहिंग्याओं की ह’त्या में इनकी संलिप्तता की विश्वस्त सूचना के आधार पर नामित किया है।”

ये प्रतिबंध जनरल मिन ओंग हेंग (राष्ट्रीय सेना के कमांडर इन चीफ) और उनके बाद सर्वोच्च नेता सू विन के साथ-साथ 33वीं लाइट इनफेंटरी डिवीजन के ब्रिगेडियर जनरल औंग औंग और 99वीं इनफेंटरी डिवीजन में उनके समकक्ष थान ओ पर लगाए गए हैं।

अमेरिका के शीर्ष राजनयिक ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बर्मा (म्यांमार) सरकार ने मानवाधिकारों के उल्लंघन और दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार लोगों को खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। साथ ही कहा कि मानव अधिकारों के उल्लंघन और दुर्व्यवहार की रिपोर्ट जारी थी।

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