putin
putin
रूस के राष्ट्रपति विलादमीर पुतीन ने रूस के हथियारों और परमाणु वार हेड ले जाने जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रदर्शन के अवसर पर यह बताया कि यह मिसाइल दुनिया के किसी भी हिस्से तक पहुंच सकते हैं

रूस के राष्ट्रपति विलादमीर पुतीन ने रूस के हथियारों और परमाणु वार हेड ले जाने जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रदर्शन के अवसर पर यह बताया कि यह मिसाइल दुनिया के किसी भी हिस्से तक पहुंच सकते हैं लेकिन हमारे ख्याल में सब से महत्वपूर्ण चीज़ यह रही है कि विलादमीर पुतीन ने मिसाइलों से संबधिंत एक वीडियो क्लिप दिखायी और बल दिया कि रूस अपने घटकों के खिलाफ किसी भी प्रकार के परमाणु हमले को अपने खिलाफ हमला समझेगा और तत्काल रूप से उसका उत्तर देगा।

यह पहली बार है जब रूसी राष्ट्रपति विलादमीर पुतीन धमकी देते नज़र आए वह भी रूस के आधुनिक हथियारों के साथ , जिससे साफ पता चलता है कि उन्हें शीत युद्ध को गर्म युद्ध में बदलने की आशंका है वैसे भी कुछ रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि रूस के किसी घटक पर परमाणु हमला को सकता है।

इस्राईल आगामी युद्ध के फलीते में आग लगा सकता है

यह तो निश्चित है कि पुतीन ने अमरीका को संदेश दिया है और शायद इस्राईल को भी, क्योंकि अमरीका ने उत्तरी कोरिया के खिलाफ युद्ध करने की घोषणा की है और इस्राईल के प्रधानमंत्री नेतिन्याहू ने अमरीकी समर्थन से ईरान को युद्ध की धमकी थी है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के संदर्भ में खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि उत्तरी कोरिया, ईरान और सीरिया के विषय पर रूस और अमरीका के मध्य गर्मी बढ़ रही है और इसके पीछे ट्रम्प की नीतियों का बड़ा हाथ है।

वैसे रूस और अमरीका के मध्य एक अखाड़ा सीरिया भी हो सकता है, सीरिया ईरान के खिलाफ इस्राईल की गतिविधियों का भी बहाना हो सकता है।

पुतीन और रूसी कमांडर सीरिया में अमरीकी गतिविधियों से चिंतित हैं और उन्हें अफगान जेहाद के अतीत को दोहराए जाने का खतरा है खास तौर से अमरीकी विदेशमंत्री के इस बयान के बाद कि सीरिया में अमरीकी सैन्य उपस्थिति दो हज़ार पांच सौ सैनिकों के रूप में हमेशा रहेगी।

रूसी सैन्य अधिकारियों ने बताया है कि उत्तरपश्चिमी सीरिया में कुर्द वर्चस्व वाले क्षेत्रों में अमरीका की 20 सैन्य छावनियां मौजूद हैं।

सीरिया हो सकता है अमरीका व रूस का अखाड़ा

राष्ट्रपति ट्रम्प, दुनिया में तनाव के सुलगत अलाव में पेट्रोल छिड़क रहे हैं और हो सकता है अगले महीनों में वह ईरान के साथ परमाणु समझौता भी खत्म कर दें जैसा कि रूस के साथ मिसाइल समझौता खत्म हुआ है और इन कार्यवाहियों से टकराव की आशंका बहुत बढ़ गयी है वैसे हमारे ख्याल में किसी भी आगामी युद्ध के पलीते में आग इस्राईल लगाएगा और उसकी मदद के लिए अमरीका आगे बढ़ेगा जैसा कि भूतपूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश के काल में उप राष्ट्रपति डिक चिनी ने अपने एक बयान में कहा था।

ट्रम्प युद्ध की आग भड़का रहे

रूस ने अपना ताक़त का मुख्य हिस्सा वापस लेने में सफलता प्राप्त कर ली है और अब वह दोबारा महाशक्ति बन चुका है जिसका सेहरा राष्ट्रपति पुतीन के सिर जाता है जो अपने देश को विश्व के नक़्शे पर दोबारा उभारने में सफल रहे हैं इसका पता आत्मविश्वास से भरे उनके हालिया अभूतपूर्ण भाषण से भी चलता है जिसमें विश्व में नये चरण के आरंभ और उसमें विश्व का नेतृत्व करने का उनका संकल्प झलक रहा था।

पुतीन का रूस, गोर्बाचोव का रूस नहीं है, न ही वह बोरिस येल्तसेन का रूस है। आज का रूस अमरीका का सामने डटा हुआ है और यह एलान कर रहा है कि दुनिया पर अमरीकी नेतृत्व का समय बीत चुका है।

जब सुरक्षा परिषद में रूस और चीन अमरीकी योजनाओं के खिलाफ वीटो अधिकार का प्रयोग करने लगें तो अमरीका और उसके घटकों को यह समझ लेना चाहिए कि दुनिया पूरी तरह से बदल चुकी है।